राजधानी शिमला के साथ लगते पनैहल गांव की महिला पर जंगल में तेंदुए ने हमला कर दिया। महिला जंगल में लकड़ी काटने गई थी। इसी दौरान घात लगाकर बैठे तेंदुए ने हमला बोल दिया। महिला के सिर, दोनों बाजू लहूलुहान हो गए हैं। महिला ने हिम्मत दिखाते हुए तेंदुए पर दराट से कई वार किए।
इससे तेंदुआ वहां से भाग खड़ा हुआ। महिला को गंभीर हालत में आईजीएमसी में भर्ती किया गया है। यहां इसका ऑपरेशन किया गया है। पनैहल गांव की कांता देवी बडमैण के समीप लकड़ी काटने जंगल पहुंची थी। अचानक उसके मुंह पर तेंदुए ने झपटा मारा।
हालांकि, महिला ने हिम्मत दिखाते हुए तेंदुए पर दराट से वार किया और शोर मचाया। घटना के बाद महिला किसी तरह घर पहुंची और घटना की जानकारी दी। बेटे ने स्थानीय लोगों की मदद से महिला को मशोबरा पहुंचाया।
प्राथमिक उपचार के बाद महिला को आईजीएमसी रेफर किया गया। महिला को ट्रामा वार्ड में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया। इधर, तेंदुए के हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत है। लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि यहां पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ा जाए।
महिला को समय रहते उपचार के लिए आईजीएमसी लाया गया। जहां पर घायल महिला का सफल ऑपरेशन हुआ है। महिला की हालत अब स्थिर है। - डॉ. रमेश चंद, - वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
गरीब परिवार से संबंध रखती है कांता
तेंदुए के हमले में घायल महिला बेहद गरीब परिवार से संबंध रखती है। कांता देवी का पति और बेटा दिहाड़ी लगाकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। बेटे हुक्मी राम ने बताया कि इकलौता बेटा है। आर्थिक रूप से उनकी हालत बेहद तंग है। किसी तरह वह घर का पूरा खर्चा कर रहे हैं। इस बार बारिश न हो पाने से गेहूं की फसल पर भी संकट पैदा हो गया है।