जल शक्ति विभाग, हिमाचल प्रदेश।
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सरकार ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की आगामी आदेशों तक सारे अवकाश रद्द कर दिए हैं। इन कर्मचारियों को फील्ड में रहकर पानी की स्कीमों को दुरुस्त करने को कहा है। हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई की रात को बादल फटने और बाढ़ से जल शक्ति विभाग को 44 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
प्रदेश में 352 योजनाएं प्रभावित हुई हैं। यह नुकसान कुल्लू, शिमला और रिकांगपिओ में हुआ है। शिमला के मत्याना की कुर्पन योजना को बड़ा नुकसान पहुंचा है। पंप हाउस, मशीनरी और पाइपें बहने से दस करोड़, रामपुर पेयजल का सोर्स और पाइप बहने से 8 करोड़ की चपत लगी है। विभाग को अलर्ट पर रखा है। स्कीमों को एहतियातन मौके के मुताबिक बंद किया जा रहा है ताकि गाद से स्कीमों को बचाया जा सके।
कुल 2421 स्कीमों में 1438 बहाल हो चुकी हैं। अब तक विभाग को 196 करोड़ का नुकसान हो चुका है। उपमुख्यमंत्री अग्निहोत्री ने कहा कि जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को मौके पर रहकर स्कीमें ठीक करें।