सरकार के प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने के फैसले के विरोध में गुरुवार को प्रदेश भर में वकील अदालती कामकाज नहीं करेंगे। प्रदेश ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन के सदस्यों के आवाहन पर वकीलों ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। जिला कचहरियों से लेकर प्रदेश हाईकोर्ट तक वकील प्रदर्शन करेंगे।
वकीलों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन जारी रखा। वकीलों की 31 सदस्यीय एक्शन कमेटी ने प्रदेश की सभी बार एसोसिएशन से संपर्क साधने के बाद 25 जुलाई के लिए प्रदेश भर में विरोध दर्ज करने का आग्रह किया है। ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश चंदेल का कहना है कि सरकार का फैसला गलत व एकतरफा है।
ट्रिब्यूनल को केवल ट्रांसफर के मामलों पर पारित स्थगन आदेशों की एवज में बंद करना सरकार के तानाशाही रवैये को दर्शाता है। हरियाणा सरकार हिमाचल के ट्रिब्यूनल की तर्ज पर प्रशासनिक ट्रिब्यूनल खोलने जा रही है, जबकि हमारी सरकार इसे बंद करने का फैसला ले रही है।