अधिवक्ताओं के तीन घंटे तक सचिवालय के बाहर किया चक्का जाम
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एंबुलेंस और स्कूलों के वाहनों को जाने दिया
पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को निकाला अमर उजाला ब्यूरो शिमला। प्रतिबंधित मार्गों पर चालान के विरोध में अधिवक्ताओं ने प्रदेश सचिवालय शिमला के बाहर तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेश सरकार के इस निर्णय के खिलाफ अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी भी की।
सचिवालय में अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के कारण करीब तीन घंटे तक वाहनों की आवाजाही अवरुद्ध रही। वकीलों ने सुबह साढ़े ग्यारह से दोपहर ढाई बजे तक प्रदर्शन किया। इस वजह से शहरवासियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सचिवालय से संजौली और पुराना बस अड्डा की ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। इस दौरान एंबुलेंस और स्कूल के बच्चों को लेकर आ रहे निजी वाहनों को अधिवक्ताओं ने गुजरने दिया।
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पुलिस विभाग ने शहर के स्कूलों में छुट्टी को देखते हुए वैकल्पिक मार्गों से स्कूल की टैक्सियों को निकाला जिससे बच्चों को परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं देशभर से घूमने के लिए आने वाले सैलानी भी ट्रैफिक जाम में फंसे रहे। मजबूरी में लोगों ने बसों और टैक्सियों से उतरकर पैदल ही गंतव्य के लिए सफर तय किया। हालांकि पुलिस ने पुराना बस अड्डा से संजौली के लिए चलने वाली बसों को बाया लक्कड़ बाजार होकर चलाया जिससे लोगों को कुछ राहत मिली।
मेरा बेटा बीमार है, मुझे
स्कूल जाने दो जाम में फंसी बस में बैठी एक महिला मौके पर पहुंची और उन्होंने सड़क जाम करने को लेकर अधिवक्ताओं के सामने नाराजगी जताई। अंकिता नाम की महिला ने कहा कि उनका चार साल का बेटा स्कूल में है और वह उसे लेने जा रही हैं। उन्होंने आग्रह किया कि उन्हें जाने दिया जाए। हालांकि इसको देखते हुए अधिवक्ताओं ने वैकल्पिक व्यवस्था करके उन्हें गंतव्य के लिए भेज दिया।