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खबर शिमला शहर कीं: बस एक क्लिक में पढ़ें ये 4 बड़ी खबरें

Wed, 15 Feb 2017 03:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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1. जगरोटी परियोजना की मशीनरी जली, कई इलाकों में जल संकट
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राजधानी शिमला के उपनगर ढली में पांच दिन से पानी की सप्लाई ठप पड़ी है। इससे लोग परेशान हैं। ढली को पानी की सप्लाई करने वाली जगरोटी परियोजना की मशीनरी जल जाने के कारण पानी की पंपिंग नहीं हो पा रही है। इससे बड़ा जलसंकट खड़ा हो गया है। ढली के अलावा समिट्री, ढींगू धार, भट्ठाकुफर और मल्याणा में भी पांच दिन से पानी नहीं है। इन क्षेत्रों को चुरट और जगरोटी परियोजना से पानी की सप्लाई होती है।

चुरट परियोजना से पानी की सप्लाई हो रही है लेकिन जगरोटी में मशीनरी खराब होने के कारण बीते पांच दिन से सप्लाई ठप है। जगरोटी परियोजना में ब्रेसिंग ज्वाइंट जलने के कारण दिक्कत पेश आ रही है। ढली और संजौली में जल संकट से निपटने के लिए गुम्मा और गिरि परियोजना का पानी डायवर्ट किया है, बावजूद इसके लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा। पानी की किल्लत के कारण लोगों को हैंडपंप और बावड़ियों से पानी से गुजारा करना पड़ रहा है। 
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दो दिन में पानी नहीं आया तो सड़कों पर उतरेंगे 
लोअर ढली और इंद्रनगर सहित अन्य इलाकों में चार दिन से पानी नहीं आया। नगर निगम ने यहां बूसटर पंप लगाया है लेकिन पानी नहीं है। स्कूल खुलने वाले हैं ऐसे में हालत और बिगड़ सकते हैं। अगर दो दिन के अंदर ढली में पानी की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो लोग सड़कों पर उतरेंगे और इसके लिए नगर निगम प्रशासन जिम्मेवार होगा।- शैलेंद्र चौहान, पार्षद, ढली वार्ड

मशीन रिपेयर को आज चंडीगढ़ से आएगा मैकेनिक
जगरोटी परियोजना की खराब पड़ी मशीनों की रिपेयर के लिए चंडीगढ़ से मैकेनिक बुलाए गए हैं। बुधवार को मैकेनिक शिमला पहुंचेंगे। अगर मशीनों की मरम्मत हो जाती है तो वीरवार से जगरोटी परियोजना से शहर को पानी की सप्लाई शुरू हो सकती।

2. 11 मिनट में एक किमी चला फायर ब्रिगेड का वाहन
न्यायालय के आदेशों पर नगर निगम और अग्निशमन विभाग ने पुलिस जवानों की मौजूदगी घनी आबादी और लोगों की आवाजाही वाले लोअर बाजार से अग्निशमन वाहन को गुजारने का मंगलवार को अभ्यास किया। रास्तों में दुकानों के बाहर बढ़ाए गए छज्जों, सड़क पर बैठे तहबाजारियों ने हालांकि इस रिहर्सल की भनक लगने पर सामान हटा दिया था, बावजूद इसके अग्निशमन के वाहन को उपायुक्त कार्यालय से लेकर शेरे पंजाब तक पहुंचने में ग्यारह मिनट का समय लग गया। जो अभी भी अधिक है।

मुश्किल से एक किलोमीटर के इस बाजार में ग्यारह मिनट का समय भी अधिक है। नगर निगम की लापरवाही के कारण लोअर बाजार की मुख्य सड़क से अभी भी तहबाजारियों को नियमित तौर पर न हटाए जाने और बाहर तक सामान सजाकर किए जाने वाले अतिक्रमण को बंद नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते अग्निशमन वाहन को गुजारते हुए अग्निशमन और पुलिस जवानों व नगर निगम कर्मियों को हर बार उन्हें हटाना पड़ता है।

3. कर्मचारियों के लिए भी बने मेडिपर्सन एक्ट
डॉक्टरों के लिए मेडिपर्सन एक्ट में संशोधन को लेकर अब आईजीएमसी की इंप्लायज यूनियन भी आगे आ गई है। यूनियन ने साफ कर दिया है कि उन्हें भी मेडिपर्सन एक्ट में लाया जाए नहीं तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। मंगलवार को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, राजकीय दंत महाविद्यालय और सहयोगी चिकित्सालय कर्मचारी संघ ने आपातकालीन बैठक की। 

यूनियन ने दोटूक कहा कि डॉक्टरों के साथ ही केवल दुर्व्यवहार नहीं होता बल्कि पेरामेडिकल स्टाफ, स्टाफ नर्सिस, क्लास थ्री और क्लास फोर कर्मचारी दिन रात अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में कर्मचारी संघ और डॉक्टर एक्ट में संशोधन के लिए सरकार के आमने सामने हो गए हैं।  कर्मचारी संघ के प्रधान एसएस जोगटा और महामंत्री हरिंद्र मेहता ने बताया कि मेडिपर्सन एक्ट को लेकर उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह को एक वर्ष पूर्व में इसको लेकर सूचित किया था, बावजूद इसके अभी तक इनके लिए कोई एक्ट नहीं बनाया गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की सुस्त कार्य प्रणाली उन पर भारी पड़ सकती है।

4. गरीबों के लिए किया मकान का वादा चार साल बाद भी अधूरा
नगर निगम की लचर कार्य प्रणाली का इससे बड़ा उदाहरण और क्या होगा कि बीते चार सालों से हर साल बजट में कृष्णानगर में गरीब लोगों के लिए मकान बनाने का वादा किया जा रहा है और जमीनी स्तर पर अब तक काम शुरू नहीं हुआ। नगर निगम के मेयर संजय चौहान ने 2013 में अपने पहले बजट भाषण के दौरान राजीव गांधी आवास योजना के तहत कृष्णानगर में गरीब लोगों के लिए 300 मकान बनाने का एलान किया था। 2014 के बजट में फिर से दिसंबर माह तक मकानों का निर्माण कार्य पूरा करने की घोषणा की गई।

2015 के बजट में भी कृष्णानगर में गरीबों के लिए आवास बनाने का वादा किया गया। 2016 के बजट में यह मुद्दा गायब कर दिया गया। इस महीने मेयर संजय चौहान अपने कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करने वाले हैं लेकिन हैरत की बात यह है कि अब तक भी कृष्णानगर में गरीबों के लिए आवास बनाने का काम शुरू ही नहीं हो पाया है। नगर निगम को राजीव आवास योजना के तहत पहली किश्त के रूप में 10 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। मकानों के लिए 224 पात्र लोगों का भी चयन किया जा चुका है। बीते चार सालों में नगर निगम योजना के तहत कृष्णानगर तक महज एक सड़क बनाने का काम ही पूरा कर पाया है।
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शुरू हो गया है काम, जल्द पूरा होगा प्रोजेक्ट : संजय
राजीव आवास योजना के तहत कृष्णानगर में मकानों का निर्माण करवाया जा रहा है। प्रोजेक्ट को लेकर कुछ औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा था। अब काम शुरू कर दिया गया है जल्द ही प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जाएगा।- संजय चौहान मेयर, नगर निगम
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