उन्होंने न्यायपालिका की दूर दृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि ‘स्वच्छता के लिए धरोहर ट्रैक को चुन कर आयोजकों ने सामाजिक दायित्व को महत्व देते हुए सफाई ही नहीं पर्यटन की दृष्टि से प्रदेश को संवारने का जो संकल्प लिया है, वह प्रशंसनीय है।
उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि हमने ईश्वरीय व्यवस्था को बिगाड़ने का कार्य किया है। पढे़ लिखे होते हुए भी हम व्यवस्था के विपरीत कार्य करते हैं और जहां हमारे कदम पड़ते हैं वहीं जिम्मेदारी के विपरीत गंदगी फैलाने का कार्य करते हैं।
उन्हाेंने कहा कि हमारी मानसिकता ऐसी बन गई है कि हम सफाई करने वाले को छोटा और कूड़ा फेंकने वाले को बड़ा मानते हैं। राष्ट्रीय प्रकल्प के विषयों में हमारा योगदान शून्य रहता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अभियान को निरंतर जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सुमन रावत, वालीबाल खिलाड़ी रविंद्र बांश्टू, सनत कलेट और राष्ट्रीय कोच बलबीर सिंह का भी आभार जताया।
सबसे बड़े स्वच्छता अभियान के लिए 96 किलोमीटर लंबे कालका-शिमला ट्रैक को 43 भागों में बांटा गया था। अभियान के दौरान 3000 पेड़ भी रोपे गए। इस मौके पर निगम महापौर कुसुम सदरेट, उप महापौर राकेश कुमार शर्मा, पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी, उपायुक्त शिमला अमित कश्यप, एसपी
शिमला ओमापति जमवाल, निगम आयुक्त रोहित जमवाल, रेलवे के एडीआरएम कुलदीप सिंह, डीसीएम प्रवीण दिवेद्वी, निदेशक कालका शिमला रेलवे शैलेंद्र सिंह, स्टेशन अधीक्षक प्रिंस सेठी, वरिष्ठ वाणिज्य निरीक्षक अमर सिंह ठाकुर सहित अन्य रेलवे अधिकारी मौजूद रहे।
स्टीम इंजन का भी किया अवलोकन
राज्यपाल आचार्य देवव्रत और उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल ने रेलवे स्टेशन में रखे गए हैरिटेज स्टीम इंजन का भी अवलोकन किया। राज्यपाल और मुख्य न्यायाधीश स्टीम इंजन में सवार हुए। रेलवे के अधिकारियों ने स्टीम इंजन के संचालन की प्रक्रिया से अवगत करवाया। कार्यक्रम के लिए विशेष तौर पर स्टीम इंजन को स्टार्ट कर शैड से बाहर ट्रैक पर लाया गया था।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से कालका-शिमला हैरिटेज ट्रैक की स्वच्छता, बचाव और संरक्षण के लिए आयोजित कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल सुबह ठीक 8:52 मिनट पर बाबा भलखू रेल संग्रहालय पहुंच गए।
उन्होंने तुरंत कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए स्कूली बच्चों से बातचीत का सिलसिला शुरू कर दिया। टूटीकंडी स्कूल के जमा दो कक्षा के छात्र पंकज से उन्हाेंने पूछा कि आप आज यहां क्यों आए हैं? जवाब मिला हैरिटेज ट्रैक पर सफाई अभियान में शामिल होने के लिए।
सेंट थामस स्कूल के छात्र मोहित कुमार और फागली स्कूल की छात्राओं से भी उन्होंने यही सवाल पूछा। बच्चों का एक ही जवाब था। इसके बाद संजय करोल ने कहा कि यह सिर्फ सफाई अभियान नहीं है हमारी ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण का एक व्यापक अभियान है।
उन्होंने बच्चों से कहा कि गंदगी साफ करना बच्चों का काम नहीं है, आप लोगों को घर में अपने परिजनों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने अध्यापकों, खेल विभाग के अधिकारियों और प्रशिक्षकों से इस कार्यक्रम के आयोजन का मकसद बच्चों को समझाने का आग्रह किया।