हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला समेत जिला शिमला के निचले इलाकों में मंगलवार रात हुई भारी बारिश से कई सड़कें बंद हो गई हैं। शहर के सर्कुलर रोड पर हिमलैंड के पास भूस्खलन होने से सड़क पर खड़ी गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। यहां भूस्खलन के चलते मलबा और एक पेड़ सड़क पर आ गया। इससे सड़क किनारे पार्क की गईं दो कारों को नुकसान पहुंचा है। सुबह नौ बजे तक इस सड़क पर यातायात भी बाधित रहा। बाद में जेसीबी मशीन के जरिये सड़क से मलबा हटाया गया। अपर शिमला में भारी बारिश से संपर्क सड़कों समेत करीब 20 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। इससे इन इलाकों में सेब की गाड़ियां भी फंस गई। उधर शिमला शहर में भी कई जगह भूस्खलन और पेड़ ढहने से काफी नुकसान पहुंचा है।
उपायुक्त कार्यालय के पास रात को पेड़ सड़क पर ढह गया। गनीमत यह रही कि इससे किसी तरह का जान और माल का नुकसान नहीं हुआ है। नगर निगम के कनिष्ठ अभियंता प्रवीण जिंटा ने बताया कि सुबह पांच बजे ही इस पेड़ को हटवा दिया गया। खलीनी में वन विभाग के कार्यालय के पास एक पेड़ ढहने से दफ्तर के चारों ओर लगी रैलिंग टूट गई। उपनगरों में कई जगह नालों का मलबा सड़क पर आ गया। कृष्णानगर में नालों का पानी कचरे समेत रास्ते और रिहायशी इलाके में घुस गया। नगर निगम के अधिशासी अभियंता राजेश ठाकुर ने बताया कि शहर में नगर निगम की सभी सड़कें बहाल हैं।
आधा दर्जन खतरनाक पेड़ किए चिह्नित
शहरवासियों की शिकायत पर जिला प्रशासन और वन विभाग की टीम ने बुधवार को शहर में दौरा कर करीब आधा दर्जन खतरनाक पेड़ों का निरीक्षण किया है। इन्हें काटने के लिए चिह्नित किया जा रहा है। वन विभाग के अनुसार बारिश के कारण कई पेड़ टेढे़ हो गए हैं। इन्हें जल्द कटवाने का प्रयास किया जाएगा। एसडीएम शहरी भानू गुप्ता ने बताया कि खतरनाक पेड़ों को लेकर जो भी आवेदन आ रहे हैं, उसे डीएफओ को तुरंत भेजा जा रहा है ताकि लोगों को राहत दिलाई जा सके।
उधर, छराबड़ा के पास रात करीब 1:00 बजे हाईवे पर एक ट्रक व पिकअप गाड़ी पलटने ने वाहनों की आवाजाही थमी रही। इससे शिमला से लेकर छराबड़ा होते हुए कुफरी तक ट्रैफिक जाम हो गया। सेब की गाड़ियां और बसें सुबह तक हाईवे पर फसी रहीं। सैकड़ों स्थानीय लोगों व पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।