नाथपा पंचायत प्रधान आरपी युलाम ने बताया कि पूर्व भाजपा सरकार ने सार्क कंडे में मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने का कोई कार्य नहीं किया। करीब 80 फीसदी लोग नाथपा गांव में ही रहने को मजबूर हैं। पूर्व प्रधान नाथपा जयराम नेगी ने बताया कि गांव के नीचे परियोजना के निर्माण कार्य के चलते पहाड़ी में हलचल हुई थी, जिस कारण पहाड़ी से चट्टानें दरकने लगीं। पहाड़ी से चट्टानें दरकने का सिलसिला आज भी कायम है। पूर्व प्रधान अंजना नेगी ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि नाथपा गांव के लोगों को सार्क कंडे में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाएं, ताकि लोग सुरक्षित जीवन यापन कर सकें। पूर्व उपप्रधान जगदेव नेगी ने बताया कि नाथपा गांव से नीचे परियोजना के डैम और डाइवर्जन टनल के निर्माण को लेकर भारी विस्फोट किए गए, जिस कारण पहाड़ी से चट्टानें दरकने लगीं।
पंचायत प्रतिनिधियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी
कार्यवाहक उपायुक्त किन्नौर एसएस राठौर ने बताया कि नाथपा गांव का मामला मेरे ध्यान में नहीं है। यदि वास्तव में ऐसा है तो एसडीएम भावानगर और पंचायत प्रतिनिधियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। वास्तविकता का पता लगाकर उचित कदम उठाए जाएंगे।