आईआईटी कमांद के लैंडस्लाइड अलर्ट सिस्टम ने सोमवार दोपहर को ग्रामीणों की जान बचा ली। पंदलाही गांव में दोपहर तीन बजे भूस्खलन से ठीक पहले चेतावनी तंत्र के दोनों सायरन बज उठे। आवाज सुनाई देने पर पंदलाही गांव में लोग घर छोड़ कर सुरक्षित स्थानों को भागे।
इसके थोड़े समय बाद ही बड़ी मात्रा में दलदल की मिट्टी पानी के तेज बहाव के साथ नीचे आ गई। उधर, कोटरोपी घटनास्थल पर दलदल की मिट्टी साफ मौसम में भी डरा रही है। थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद यहां भारी मात्रा में मलबा और पानी नीचे बह रहा है।
ऐसे में निचले इलाके में ग्रामीण दहशत में हैं। सोमवार दिन भर यह क्रम जारी रहा। कोटरोपी घटनास्थल के पास खड़े पंदलाही निवासी रमेश कुमार ने मलबा आने और सायरन बजने की सूचना मोबाइल से गांव के लोगों को दी, जिससे सभी ग्रामीण सुरक्षित स्थान की ओर दौड़े।
स्थानीय ग्रामीण दुर्गादत्त, बीरी सिंह, रावण सिंह, लक्की, घनश्याम और पुरखा राम ने बताया कि सोमवार को दिन भर दलदल की मिट्टी तेजी से नीचे की ओर आती रही। जब सायरन बजा, उस दौरान मलबे का पैमाना बड़ा था।