शिमला के आठ और सोलन के एक गांव की जमीन का अधिग्रहण करने की तैयारी, नए साल में शुरू होगा निर्माण कार्य
जाठियादेवी में 252 बीघा जमीन का हो चुका है अधिग्रहण
राजधानी का बोझ घटाने के लिए सरकार बना रही नया शहर अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के साथ लगते जाठियादेवी में अगले साल से नया शहर बनाने की कवायद शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। जिला प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण को लेकर 29 दिसंबर को ग्रामीणों के साथ बैठक बुला ली है।
हिमुडा के अनुसार जाठियादेवी में पहले चरण में अब तक 252 बीघा जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। अब नौ और गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इनमें शिमला जिले के आठ जबकि सोलन का एक गांव शामिल है। जिला शिमला के सभी आठ गांवों शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के तहत आते हैं। इनमें शिमला ग्रामीण के महाल मझोला, आंजी, शीलड़ू, धनोखर, शिल्ली बागी, पंती, क्यारगी, चानन में भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव है। सरकार की इस योजना के तहत 4,921 बीघा जमीन का अधिग्रहण होना है। अगले साल से इस योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी है। जाठियादेवी में होने वाले निर्माण से जुड़े प्रस्ताव हिमुडा ने मंजूरी के लिए टीसीपी को भेज दिए हैं। इन पर मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। शहर में आबादी के बढ़ते बोझ को घटाने के लिए सरकार ने जाठियादेवी में नया शहर बनाने की योजना तैयार की है। इस नए शहर में सभी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि दूसरी ओर स्थानीय लोग भूमि अधिग्रहण का विरोध भी कर रहे हैं। इनका कहना है कि उनका घर, खेत सभी का अधिग्रहण किया जा रहा है। ये लोग अब जन सुनवाई में भी अपना पक्ष रखेंगे।
एसडीएम की अगुवाई में होगी जन सुनवाई
जाठियादेवी में भूमि अधिग्रहण, इसके प्रभावों आदि को लेकर एसडीएम ग्रामीण मंजीत शर्मा की अगुवाई में पंचायत बागी के कार्यालय में 29 दिसंबर को सुबह 11:00 बजे जन सुनवाई होगी। इसमें स्थानीय लोग जिनकी जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, वह अपनी आपत्तियां और सुझाव दे सकते हैं। इनके आधार पर अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जन सुनवाई में पुनर्वास और उचित मुआवजा आदि को लेकर भी लोगों से बात की जाएगी। लोग इस योजना के बारे में क्या समझते हैं, उनकी क्या परेशानियां हैं, इस पर भी बात की जाएगी।