विधानसभा सत्र के शुरुआती दिनों में अपनी ही सरकार के खिलाफ आक्रामक रहे नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया के तेवर नरम हो गए हैं। मंगलवार को बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए राकेश पठानिया ने जयराम सरकार की तारीफ में जमकर कसीदे पढ़े।
नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के बयानों पर पलटवार करते हुए पठानिया ने कहा कि बजट रूपी फिल्म का प्रोड्यूसर और डायरेक्टर चाहे जो मर्जी हों लेकिन यह बजट फ्लॉप होने वाला नहीं है।
यह फिल्म हिट रहेगी और पांच साल बाद रिपीट भी होगी। पठानिया ने कहा कि पहली बार प्रदेश के किसी मुख्यमंत्री ने विधायकों को बुला-बुला कर बजट तैयार किया है। बजट की 90 फीसदी योजनाएं विधायकों द्वारा दिए गए सुझावों पर आधारित हैं।
उन्होंने कहा कि मैंने धूूमल साहब और वीरभद्र सिंह की सरकारों को भी देखा है लेकिन ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इसके लिए बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि जनमंच एक सफल कार्यक्रम रहा है।
उन्होंने कहा कि ऋण लेने का रिकॉर्ड कांग्रेस सरकारों के नाम रहा है। साल 2003 में प्रदेश पर 13 हजार करोड़ का ऋण था जो 2017 में कांग्रेस सरकार के जाते समय 47 हजार करोड़ तक पहुंच गया।
भाजपा विधायक नरेंद्र बरागटा ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट से नशे पर करारी चोट की है। चर्चा में भाग लेते हुए बरागटा ने कहा कि अगर हमारा भविष्य नहीं बचा तो जीना किस काम का।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालने के लिए पांच नशा निवारण केंद्र खोलने का फैसला सराहनीय है। बरागटा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट में सभी वर्गों का विशेष ध्यान रखा है।
जयराम सरकार ने बदले की भावना से काम नहीं किया है जबकि कांग्रेस सरकार ने बदले की कार्रवाई करते हुए उन पर गुम्मा इंजीनियरिंग कॉलेज और एंटी हेलगन को लेकर विजिलेंस की जांच तक करवाई। उन्होंने कहा कि जनमंच आम आदमी का मंच है। अब मुख्यमंत्री के जाने से यह कार्यक्रम और मजबूत होगा।