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जंगलों और वन्य जीवों के संरक्षण में मिसाल बनीं लाहौल की महिलाएं, पढ़ें पूरा मामला

Sun, 16 Feb 2020 10:56 AM IST
Krishan Singh दिनेश जस्पा, अमर उजाला, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)

सार

  • जंगलों-वन्य जीवों के संरक्षण में मिसाल बनीं लाहौल की महिलाएं
  • 11 वर्षों से वन्य जीवों के शिकार का एक भी मामला नहीं
  • 14 सालों से वनों के अवैध कटान का कोई मामला नहीं
  • आईबैक्स को खुले में बेखौफ जीने की आजादी दी
  • महिला मंडलों की मुहिम सराहनीय
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आईबैक्स के झुंड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल के जनजातीय क्षेत्र लाहौल की महिलाएं वनों व वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में देश-दुनिया के लिए मिसाल बनकर उभरी हैं। महिलाओं की मुहिम का ही असर है कि पिछले 11 वर्षों से वन्य जीवों के शिकार और 14 सालों से वनों के अवैध कटान का एक भी मामला वन विभाग एवं प्रदेश पुलिस के पास दर्ज नहीं हुआ है।

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 महिला मंडलों की मुहिम ने खासकर आईबैक्स को खुले में बेखौफ जीने की आजादी दी है। महिला मंडलों ने दशकों पूर्व यहां के वनों को बचाने के लिए अभियान चलाया है। इसके तहत अगर अवैध कटान करते हुए कोई पकड़ा जाता है तो उसे पांच हजार जुर्माने के साथ गांव में हुक्का-पानी बंद करने की सजा का एलान किया गया है।  

समुद्र तल से दस हजार फीट की ऊंचाई पर पाए जाने वाले दुर्लभ वन्य जीव आईबैक्स (टंगरोल) को भी महिलाओं ने बचाने का बीड़ा उठाया है। लाहौल घाटी में यूं तो दुर्लभ वन्य प्राणियों में बर्फानी तेंदुआ, घोरल, आईबैक्स, काला एवं भूरा भालू, हिमालयन रेड फोक्स और लिंक्स, हिमालयन थार, कस्तूरी मृग सहित कई प्राणी पाए जाते हैं। लेकिन शिकार थमते ही कुछ वर्षों से कई प्राणी शोधार्थियों के कैमरे में कैद होने के साथ ही ऊपरी इलाकों में देखे जा रहे हैं। 

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रिहायशी इलाकों के पास खुले में देखे जा रहे आईबैक्स के झुंड

- फोटो : अमर उजाला
लाहौल वन मंडलाधिकारी दिनेश शर्मा एवं पट्टन वन परिक्षेत्राधिकारी मस्त राम ने कहा कि लाहौल की पढ़ी-लिखीं बेटियों के साथ महिला मंडलों की यह पहल सराहनीय है। लाहौल घाटी के कई हिस्सों में आईबैक्स को झुंडों में रिहायशी इलाकों के पास खुले में बिचरते हुए देखा जा रहा है। 

लाहौल में बढ़ रहा वनों का दायरा 
डीएफओ लाहौल दिनेश शर्मा ने कहा कि लाहौल वन मंडल को यहां के जागरूक महिला मंडलों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। पिछले ग्यारह वर्षों से वन्य जीवों के शिकार व 14 वर्षों से वनों के अवैध कटान का मामला सामने नहीं आया है। महिलाओं की पहल से लाहौल में वनों का दायरा भी बढ़ रहा है।
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