51 वर्ष के डॉ. धनंजय।
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बिहार के महाराजगंज क्षेत्र के कोथुआ सारंगपुर गांव निवासी 51 वर्षीय सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. धनंजय दुबे ने लाहौल-स्पीति की 6,111 मीटर ऊंचे माउंट यूनम पर तिरंगा फहराया। स्वतंत्रता दिवस उन्होंने अपने पांच सदस्यीय पर्वतारोहण दल के साथ इस चुनौतीपूर्ण शिखर को फतह किया। उन्होंने इस उपलब्धि को भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को समर्पित किया। डॉ. दुबे ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि युवा अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें,अच्छी शिक्षा ग्रहण करें और नशे से दूर रहें।
उन्होंने कहा पर्वतारोहण का मुख्य उद्देश्य युवाओं के लिए एक स्वस्थ प्रेरणा बनना है, ताकि वे अपनी ऊर्जा को देश और समाज के हित में लगा सकें। डॉ. धनंजय दुबे की पहचान केवल एक प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य के रूप में ही नहीं है, बल्कि वे एक प्रशिक्षित पर्वतारोही भी हैं। उन्होंने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से पर्वतारोहण का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। 51 वर्ष की उम्र में 6,111 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचकर तिरंगा फहराना डॉ. धनंजय दुबे के साहस, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है। उन्होंने इस उपलब्धि से बिहार सहित देश के युवाओं को संदेश दिया कि जीवन में कुछ बड़ा और सार्थक करने के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बनती है। यदि लक्ष्य को हासिल करना है तो मन में दृढ़ संकल्प होना चाहिए और किसी भी उम्र में नई ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है।