लग्नेश ने 2016 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद कानून की पढ़ाई का मन बनाया। संसाधनों की कमी के बीच केके फाउंडेशन ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और आर्थिक मदद की। लग्नेश ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान दिल्ली विश्वविद्यालय (कैंपस लॉ सेंटर) से 2020 में एलएलबी की डिग्री हासिल की। लग्नेश के संघर्ष का ही असर था कि बार काउंसिल ऑफ हिमाचल प्रदेश को अपने नियमों में बदलाव करना पड़ा। आर्थिक स्थिति और लगन को देखते हुए बार काउंसिल ने न केवल उनका पंजीकरण किया, बल्कि भविष्य के लिए नीति बनाई कि किसी भी दिव्यांग अधिवक्ता से पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा।