जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के चीन सीमा से सटे समदो क्षेत्र के दौरे के बावजूद इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत नहीं हो पा रहा है। क्षेत्र में पुरानी मशीनरी से सामरिक महत्व की सड़कों को बहाल करने की कोशिश हो रही है। चीन क्षेत्र से लगती और पाकिस्तान की सीमा तक जाने वाली सड़कों का काम ठप है। सड़कें बर्फ से अटी हैं।
खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। बॉर्डर क्षेत्र की सड़कों का जिम्मा संभालने वाले सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के पास पुरानी और हांफ चुकी मशीनरी है। बजट का भी अभाव है। लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने इस मामले को केंद्रीय रक्षा मंत्री और बीआरओ के महानिदेशक से उठाया है।
उन्होंने इस पर हस्तक्षेप करने के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को भी एक चिट्ठी लिखी है। पत्र में कहा है कि यह मामला स्थानीय लोगों के हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। करीब 250 किलोमीटर लंबे समदो से काजा-ग्रांफू मार्ग का 150 किलोमीटर क्षेत्र चीन सीमा से सटा है। समदो से लगभग 35 किलोमीटर दूर चीन सीमा शुरू हो जाती है।
कोकसर से तांदी-तिंदी सड़क भी लगभग 110 किलोमीटर लंबी है। तीसरी सड़क तांदी-जिस्पा-सरचू लद्दाख से लगती है। इस क्षेत्र से पाकिस्तान की सीमा भी नजदीक है। ये तीनों सड़कें बीआरओ के पास हैं। कई जगहों पर सड़कें बर्फ से ढकी हैं या क्षतिग्रस्त हैं। आजकल यातायात ठप है। सीमा से सटे क्षेत्रों में चीन की पहुंच 12 महीने रहती है।
स्थानीय विधायक रवि ठाकुर का कहना है कि सीमा सड़क संगठन के पास न तो केंद्र सरकार से पर्याप्त बजट आ रहा है और न ही पुराने जमाने की मशीनरी को बदला जा रहा है। न बर्फ हट रही है और न ही टारिंग, मेटलिंग हो रही है। यहां पर्याप्त विंटर लेबर भी नहीं होती है।
सेना और स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। मरीजों को हेलीकॉप्टर तक वक्त पर पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। दो मरीजों की तो मौत भी हो चुकी है। अब रोहतांग टनल भी बनकर तैयार हो जाएगी। इसका आगे की सड़कों के दुरुस्त नहीं होने पर कोई खास लाभ नहीं होगा।
विधायक के पत्र पर सीएम से करेंगे चर्चा: नेगी
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के प्रधान सलाहकार टीजी नेगी ने कहा है कि लाहौल-स्पीति के विधायक की ओर से सीएम कार्यालय को भेजे गए पत्र का पता किया जाएगा। इस बारे में मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी। उन्हीं के निर्देशानुसार आगामी कार्रवाई होगी।