लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बना चुका प्राइड ऑफ कुल्लू का लोकनृत्य इस बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए दावेदारी करेगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों शुरू कर दी हैं। इस बार इस नृत्य में जिले की 12 हजार महिलाओं के भाग लेने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा कुल्लू की महिलाओं के लिए विशेष रूप से फैशन शो का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें केवल कुल्लू की महिलाएं ही भाग ले पाएंगी।
यह जानकारी उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि कारदार संघ के साथ बैठक में तय किया गया है कि इस बार देवी-देवताओं को बैठने के लिए लकड़ी के पटड़े दिए जाएंगे। पुराने बने स्थान हटाए जा रहे हैं। देवी-देवताओं की पवित्रता बनी रहे, इसके लिए यह कदम उठाए गए हैं। कहा कि लोकल व्यंजनों के लिए विशेष मार्केट बनाई जाएगी, जहां कुल्लू के लोकल व्यंजन ही बनेंगे। इसके अलावा दशहरा शुरू होने से पहले ही ढालपुर और आसपास के क्षेत्रों के सुंदरीकरण का कार्य शुरू किया गया है।