जिला शिमला की पुलिस के साथ ही प्रदेश पुलिस, एनडीआरएफ और होमगार्ड के जवान भी जुट गए हैं। जिला पुलिस ने बटालियन से भी अतिरिक्त पुलिस बल को अभियान के लिए बुला लिया है।
समेज में खोदाई का कार्य पूरा होने के बाद अब शवों की तलाश के लिए जिला पुलिस की टीम ने घटनास्थल से 124 किलोमीटर दूर दोघरी तक नदी कि किनारों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इसके लिए स्थानों को चिह्नित कर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी कर दी गई है। इस अभियान में जिला शिमला की पुलिस के साथ ही प्रदेश पुलिस, एनडीआरएफ और होमगार्ड के जवान भी जुट गए हैं। जिला पुलिस ने बटालियन से भी अतिरिक्त पुलिस बल को अभियान के लिए बुला लिया है। पुलिस के मुताबिक घटनास्थल में शवों के नहीं मिलने के बाद नदी के किनारों और शिमला-मंडी जिले की सीमा पर स्थित दोघरी के क्षेत्र में ही शवों के मिलने की आशंका है। इसको देखते हुए अब पुलिस नदी के किनारों और चट्टानों में शवों की तलाश कर रही है।
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जिला पुलिस ने सुन्नी, कुमारसैन, रामपुर के विभिन्न क्षेत्रों में अधिक जवानों की तैनाती की है, क्योंकि इन क्षेत्रों में सतलुज में बहकर आने वाले शवों के मिलने की अधिक संभावना रहती है। वहीं दोघरी में जिला शिमला के जवानों के साथ ही जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, एनटीपीसी और कौलडेम के कर्मचारी अभियान में जुटे हैं। यहां पर अभी तक सबसे अधिक शव मिले हैं। इसको देखते हुए पुलिस और प्रशासन इन स्थान पर सुबह से शाम तक लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है। यहां पर डैम और नदी का पानी मिलने वाले क्षेत्र में शवों को ढूंढा जा रहा है। एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने बताया कि पुलिस और प्रशासन आपदा प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि समेज में खोदाई का कार्य पूरा हो चुका है। ऐसे में अब नदी के किनारों में सर्च अभियान चलाया जाएगा।