शिमला फेस्ट की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में इंडियन आइडियल-2012 की टॉप 11 में रही कुनिहार की गायिका कृतिका तनवर ने हिंदी और पहाड़ी गीतों से धमाल मचाया। उन्होंने आफरीन आफरीन... ऐसा देखा नहीं..., चन्ना मेरेया मेरेया... फिल्मी गीत कबिरा मान जा... गीतों से दर्शकों को मुग्ध कर दिया।
उन्होंने दिल दियां गलां.., मैं तैनु समंझावां कि न ... और पूरा लंदन ठुमकदा.... गीत गाए। कृतिका ने पहाड़ी लोक गीत ओ बे लालिए हो... मेरे प्यारुआ मेरे खाणी ओ जलेबी.. पारो आया बणजारा... गीत गाए।
कांगड़ा के प्रसिद्ध लोक गायक संजीव दीक्षित ने कांगड़ा, चंबा के गीतों से दर्शकों का मनोरंजन किया। दीक्षित ने अपनी मधुर और मस्ती भरी आवाज में अम्मा पूछदी, सुण धीये मेरिए भेडां तेरियां हो... चुगदियां फाट निलमां... तथा बोतल रे गई ठेके कोई... आदि गीतकर गाकर वाहवाही बटोरी।
लोक गायक सुनील राणा ने शिव कैलाशो के वासी... और धुड़ु नचेया जटा खलारी ओ... से कार्यक्रम की शुरुआत की तथा एक से बढ़कर गाने गाए। दूसरी संध्या का शुभारंभ खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री किशन कपूर ने किया।