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सरकार के दावों की खुली पोल, टेंट में चल रहा शिमला का ये हाई स्कूल

Sat, 25 Mar 2017 09:51 AM IST
रामेश्वरी ठाकुर/अमर उजाला, शिमला
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शिमला शहर के कृष्णानगर में चल रहा हाई स्कूल सरकार के शिक्षा पर करोड़ों खर्च करने के दावों का मजाक उड़ा रहा है। एक साल से स्कूल की कक्षाएं टेंट में चल रही हैं। टेंट के साथ कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। हर ओर बदबू रहती है।
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कई बार छात्रों और शिक्षकों को मुंह पर रुमाल रखना पड़ता है। राजधानी के स्कूल में इस तरह के हालात हैरान करने वाले हैं। पूरी सरकार और विभाग का निदेशालय यहां बैठता है। एक साल पहले स्कूल के पुराने भवन को गिराकर नए भवन का काम शुरू किया गया। तब से ये हालात हैं।

स्कूल को शिफ्ट कर यहां स्थित लंगर हाल में चलाया जा रहा है। कमरों की कमी के कारण एक कक्षा को लेंटर पर टेंट लगाकर छात्रों को पढ़ाया जाता है। एक कक्षा बरामदे में और एक कमरे में दो-दो कक्षाएं एक साथ चलती हैं।
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यहां छठी से लेकर दसवीं तक 61 छात्र और छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सरकार कई बार कह चुकी है कि शिक्षा के लिए स्वच्छ वातावरण होना चाहिए, लेकिन शिक्षा महकमा सरकार के आदेशों पर कितना खरा उतर पा रहा हैस इसका जीता जागता उदाहरण शिमला शहर में मौजूद यह स्कूल है। 

सरकारी कृष्णानगर हाई स्कूल में  छात्रों के बैठने तक के लिए उचित व्यवस्था तक नहीं है। कृष्णानगर हाई स्कूल वाल्मीकि मंदिर के लंगर हाल में चल रहा है। लेंटर पर टेंट लगाकर और बरामदे में छात्रों की पढ़ाई होती है। क्लास के बाहर गंदगी के बड़े बड़े ढेर हैं।

पांच क्लासों के लिए कुल 2 कमरे हैं, जहां रोटेशन में क्लासें बैठाई जाती हैं। एक क्लास रूम इतना तंग है कि बाहर निकलने के लिए छात्रों को बैंचों के ऊपर से चलना पड़ता है। बारिश और बर्फबारी के समय बच्चों को एक ही कमरे में बैठा दिया जाता है। स्कूल की मुख्य अध्यापिका वंदना शर्मा ने बताया कि स्कूल में बैठने की उचित व्यवस्था न होने की वजह से क्लासें रोटेशन में बिठाई जाती हैं। 

स्कूल का पुराना भवन तोड़कर बनाया जा रहा नया
कृष्णानगर स्कूल का पुराना भवन जर्जर हो चुका था, जिसे पिछले साल तोड़ दिया गया था। मौजूदा समय में उसी जगह स्कूल का नया भवन बनाया जा रहा है। इसका काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन भवन की दो मंजिलें पूरी तरह तैयार होने के बाद वाल्मीकि लंगर भवन से छात्रों की दो कक्षाएं वहां शिफ्ट कर दी जाएंगी। 
                              
कंप्यूटर और होम साइंस विषय से वंचित छात्र
स्कूल में बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा से भी वंचित रहना पड़ रहा है। स्कूल में कंप्यूटर लैब नहीं है और न ही होम साइंस का शिक्षक है इसकी वजह से बच्चों को ड्राइंग का विषय ही पढ़ना पड़ता है। 

वाल्मीकि जयंती के पर लालपानी भेजे जाते हैं छात्र 
वाल्मीकि जयंती के मौके पर कृष्णानगर वाल्मीकि सभा के लोग स्कूल को लंगर भवन की तौर पर उपयोग करते हैं। इस कारण बच्चों की कक्षाएं लालपानी स्कूल शिफ्ट कर दी जाती हैं।
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