फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुड़िया केस: भीड़ ने IG को बनाया बंधक, मालखाने में रखी शराब लूटी

Thu, 20 Jul 2017 09:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटखाई/शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
दसवीं की छात्रा (गुड़िया) से दुराचार और हत्या के आरोप में कोटखाई (शिमला) थाने के लॉकअप में बंद आरोपी सूरज की दूसरे आरोपी राजू ने मंगलवार रात को हत्या कर दी। थाने में हत्या से पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और हड़कंप मच गया। बुधवार सुबह हत्या की खबर आग की तरह फैल गई।
विज्ञापन


गुड़िया मामले को लेकर पहले ही गुस्साए लोगों की भीड़ बाजर में जुटना शुरू हो गई। हजारों लोगों की उग्र भीड़ ने दोपहर करीब सवा 3 बजे कोटखाई थाने को घेरकर आग के हवाले कर दिया। बाजार से करीब एक किलोमीटर दूर पांदली चैथला सड़क पर पुलिस की तीन गाड़ियां फूंक दीं। मालखाने में रखी शराब भी लूट ली।

आईजी जहूर जैदी को कई घंटे थाने में ही बंधक बनाकर भीड़ ने पुलिस कर्मचारियों पर पथराव कर दिया। इस पथराव में छोटा शिमला थाने के एसएचओ धर्म सेन नेगी, विजय सिंह और अजय कालिया समेत आधा दर्जन पुलिस कर्मचारी लहूलुहान हो गए। बेकाबू भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने हवा में तीन राउंड फायर किए, लेकिन भीड़ शांत नहीं हुई। 
विज्ञापन

आईजी को छिपाकर दूसरी मंजिल में ले गए

आगजनी की घटना में पुलिस का रिकॉर्ड जल गया है। उधर, सरकार ने पुलिस कस्टडी में हत्या पर इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। कोटखाई थाना प्रभारी समेत सभी कर्मचारियों को लाइन हाजिर किया गया है। गुड़िया मामले में थाने में बंद चारों आरोपियों को सुरक्षित जगह शिफ्ट कर दिया गया है।

पूरे बवाल के बीच मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मंडी जिले के दौरे को बीच में छोड़कर शिमला लौट आए हैं। वहीं, राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सरकार से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। सरकार से दो दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है। पथराव में गंभीर रूप से घायल पुलिस वालों को कोटखाई में प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है।

बेकाबू भीड़ ने थाने में आग लगाई तो पुलिस वाले कड़ी सुरक्षा में आईजी को छिपाकर दूसरी मंजिल में ले गए। बाहर लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और आईजी को उनके हवाले करने पर अड़े रहे। जैसे तैसे पुलिस अधिकारियों को थाने से बाहर भेजा गया। अधिकारियों के निकलते ही बेकाबू भीड़ थाने के भीतर घुस गई।

भीड़ ने मालखाने से शराब की पेटियों को बाहर निकालकर लूट लिया। उसके बाद भीतर रखे सामान को बाहर फेंका दिया और थाने के भीतर आग लगा दी। थाने में आग लगने की सूचना के बाद दमकल का वाहन करीब साढे़ तीन बजे कोटखाई पहुंचा, लेकिन उग्र भीड़ के कारण थाने की आग नहीं बुझा सके।
विज्ञापन

कब क्या हुआ

10:00 बजे सुबह लोगों की भीड़ कोटखाई बाजार में जुटना शुरू हुई
10:30 बजे पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा ने बाजार में लोगों को संबोधित किया
11:00 बजे लोग कोटखाई थाने के बाहर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पहुंचे
11:30 बजे थाने के बाहर पथराव शुरू हुआ। इसमें पुलिस कर्मचारी घायल हो गए
11:35 बजे पुलिस ने थाने के भीतर से तीन राउंड हवाई फायर किए
12:30 बजे दोपहर जिला परिषद सदस्य नीलम सरैईक महिलाओं के साथ थाने के गेट पर भीतर घुसने के लिए पहुंचीं
01:30 बजे भीड़ ने पहली बार थाने में आग लगाने की कोशिश की
03:05 बजे बेकाबू भीड़ थाने में घुस गई और आग लगा दी गई
03:10 बजे भीड़ के बीच आईजी जैदी को सिविल ड्रेस में चुपचाप बाहर निकालकर पुलिस के बैरक की दूसरी मंजिल तक पहुंचाया गया
03:30 बजे भीड़ ने चैथला पांदली सड़क पर पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया  06:00 बजे शाम को लोगों की उग्र भीड़ छंटनी शुरू हुई 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें