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Himachal News: सीएम सुक्खू बोले- प्रधानमंत्री की मौजूदगी में जल्द होगा किशाऊ परियोजना का एमओयू

Tue, 14 Jul 2026 02:52 PM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

किशाऊ बहुउद्देश्यीय जलविद्युत परियोजना पर जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में एमओयू हस्ताक्षरित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने समीक्षा बैठक में कहा कि परियोजना हिमाचल प्रदेश के अधिकारों और हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आगे बढ़ाई जाएगी। नई व्यवस्था के तहत राज्य को बिना निवेश के हर वर्ष करीब 600 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है।
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मुख्यमंत्री किशाऊ बहुउद्देश्यीय जलविद्युत परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की बहुप्रतीक्षित 422 मेगावाट क्षमता वाली किशाऊ बहुउद्देश्यीय जलविद्युत परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में केंद्र सरकार और साझेदार राज्यों के बीच इस परियोजना का समझौता ज्ञापन (एमओयू) शीघ्र हस्ताक्षरित होने की संभावना है। एमओयू पर अंतिम सहमति बनने से पहले केंद्र सरकार ने इसका प्रारूप संबंधित राज्यों को भेजकर सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं। इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सचिवालय में मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए एमओयू के प्रारूप की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार परियोजना के क्रियान्वयन के पक्ष में है, लेकिन प्रदेश के लोगों के अधिकारों और हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में हुई अंतरराज्यीय बैठकों में किशाऊ परियोजना के क्रियान्वयन पर सहमति बनी है। नई व्यवस्था के तहत प्रदेश को परियोजना में कोई वित्तीय निवेश नहीं करना पड़ेगा, जबकि राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पूर्व में प्रस्तावित समझौते के प्रारूप को स्वीकार नहीं किया और राज्य के हितों को सुरक्षित रखने के लिए नए सिरे से बातचीत की। सभी हितधारकों की सहमति से ऐसी शर्तें तय करवाई गईं, जिनसे हिमाचल के दीर्घकालिक हित सुरक्षित रहेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम, प्रधान सचिव देवेश कुमार और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक उपस्थित रहे। मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

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पानी और बिजली में भी सुरक्षित रहेगा हिमाचल का हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधित समझौते के तहत सभी साझेदार राज्यों को बिजली और पानी में उनका वैध हिस्सा मिलेगा, वहीं हिमाचल प्रदेश को भी अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप जलाशय से पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य ने यमुना बेसिन में 378 मिलियन घन मीटर जल पर अधिकार सुरक्षित रखा है, जो भविष्य की जल आवश्यकताओं के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

800 करोड़ के संभावित बोझ से बचा प्रदेश
बैठक में बताया गया कि किशाऊ परियोजना में हिमाचल के वित्तीय योगदान को लेकर पिछले लगभग आठ वर्षों से गतिरोध बना हुआ था। पूर्व भाजपा सरकार ने परियोजना में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में करीब 800 करोड़ रुपये का योगदान देने पर सहमति जताई थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए इसका विरोध किया।

बीबीएमबी से बिजली बकाये का मुद्दा भी उठाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की परियोजनाओं से हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली 13,066 मिलियन यूनिट बिजली के लंबित बकाये को प्राप्त करने के लिए भी प्रयास तेज कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद यह मामला लगभग 15 वर्षों से लंबित है।
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