पर्यावरण मंत्रालय के दूसरे नोटिस जारी करने के 24 दिन बाद वन विभाग बिलासपुर ने कैंचीमोड़ से लेकर गरामोड़ तक कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के निर्माण कार्य को बंद करवा दिया है। विभाग पिछले एक माह से नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) को पर्यावरण मंत्रालय के नोटिस पर काम बंद करने के आदेश जारी कर रहा था, लेकिन एनएचएआई ने काम बंद नही किया था। वहीं वन विभाग बिलासपुर के मुख्य अरण्यपाल ने टीम मौके पर भेजकर काम बंद करवाया। विभाग ने साफ किया है कि पर्यावरण मंत्रालय के आगामी आदेशों तक कार्य शुरू नहीं होगा।
गौरतलब है कि पर्यावरण वन एवं जलवायु मंत्रालय देहरादून ने 25 जून को राज्य सरकार को कीरतपुर-नेेरचौक फोरलेन निर्माण को तत्काल बंद करने के आदेश जारी किए थे। मंत्रालय ने उक्त फोरलेन के बदले गए रोड अलाइनमेंट प्लान और भूमि अधिग्रहण प्लान में बदलाव पर सरकार की ओर से कोई जवाब न मिलने पर उक्त कार्रवाई की थी। मंत्रालय की ओर से साफ किया गया था कि राज्य सरकार को तीन बार पत्र लिखा, लेकिन जवाब नहीं मिला। इसके बाद मंत्रालय की ओर से उक्त आदेश जारी किए गए थे। 13 अगस्त को मंत्रालय ने सरकार को दोबारा काम बंद करवाने का रिमाइंडर भेजा। उसके बाद डीएफओ बिलासपुर ने एनएचएआई को काम बंद करने का नोटिस तो जारी किया, लेकिन उसके बावजूद काम बंद नहीं हुआ।
पर्यावरण मंत्रालय के आदेशानुसार फोरलेन का काम रोक दिया गया है। मैंने हाल ही में बिलासपुर में ज्वाइन किया है। जैसे ही मुझे जानकारी मिली कि विभाग के आदेश के बाद भी एनएचएआई ने काम जारी रखा है। मौके पर टीम भेजकर तुरंत प्रभाव से काम बंद करवा दिया गया है। वहीं मंत्रालय के आगामी आदेश तक इसे बंद रखा जाएगा, ताकि वन अधिनियम का उल्लंघन न हो।
देव राज कौशल, मुख्य अरण्यपाल बिलासपुर