कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के निर्माण में अनियमितताओं का मुद्दा एक बार फिर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के पास पहुंच गया है। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने केंद्र, प्रदेश सरकार और अन्य विभागों को भी इसकी शिकायत भेजी है। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदनलाल ने शर्मा कहा कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने जिस तरह भूमि का अधिग्रहण किया है, वह नियमों और गाइडलाइंस के खिलाफ है।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में खामियां होने के कारण ही अलाइनमेंट में बदलाव हुआ है। अगर प्रक्रिया सही होती तो फोरलेन के निर्माण में कोई अड़चन नहीं आती। फोरलेन में बरती गई अनियमितताओं पर कार्रवाई के लिए उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, यातायात परिवहन मंत्रालय भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय देहरादून, मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री, मंडी जिले के तीन व बिलासपुर जिले के चार विधायकों, राज्य के सभी विभागों के उच्च अधिकारियों को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने हर गांव के एक-दो खसरा नंबरों की क्षेत्रीय अभिकरण से जांच और रेवेन्यू विशेषज्ञों से पुष्टि करवाकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
समिति ने कहा है कि सरकार ने उपरोक्त परियोजना के अधिग्रहण में जो उदाहरण पेश किया है, वह गाइडलाइंस के खिलाफ है। कहा कि देहरादून मंत्रालय ने निजी भूमि अधिग्रहण में बरती गई अनियमितताओं पर कार्रवाई का जिम्मा राज्य सरकार को सौंपा है। मदनलाल ने कहा कि सभी क्षेत्रों से संबंधित भू अर्जन अधिकारी इस गंभीर विषय पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। अब समिति ने जेपी नड्डा, केंद्र और राज्य सरकार से मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है।