किरतपुर-मनाली फोरलेन में रोमांच से भरा सफर करने वाले लोगों को अब पंडोह डैम के दीदार नहीं हो पाएंगे। सामरिक दृष्टि से अहम इस फोरलेन में पंडोह डैम की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। फोरलेन अलाइनमेंट को बदला जा रहा है। एनएचएआई ने पंडोह के पास टनल के माध्यम से फोरलेन गुजारने की नई डीपीआर बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। डीपीआर बदलने के साथ लागत में भी इजाफा होने की संभावना है।
जवाहर नवोदय स्कूल से लेकर कैंची मोड़ तक फोरलेन की पहले बनाई अलाइनमेंट में खुली सड़क के साथ 300 मीटर की टनल शामिल थी। पंडोह डैम की तरफ को टनल का एक छोर निकलना था। इसके बाद कैंची मोड़ तक खुली सड़क बननी थी। एक तरफ को फोरलेन होना था और दूसरी तरफ को पंडोह डैम। इस अलाइनमेंट के अनुसार फोरलेन डैम के काफी नजदीक बनने जा रहा था। इस पर बीबीएमबी प्रबंधन ने सुरक्षा को लेकर आपत्ति जाहिर की थी।
इसके बाद अब एनएचएआई ने नई डीपीआर बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। डीपीआर में अब 300 मीटर वाली टनल 900 मीटर की बनाने की योजना है। अब कैंची मोड़ से करीब 500 मीटर पहले टनल के मुहाने होंगे। ऐसे में इस फोरलेन से गुजरने वालों को पंडोह डैम के दीदार नहीं हो सकेंगे। टनल से होते हुए वाहन सीधे दूसरे छोर पर निकलेंगे।
इससे डैम की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं रहेगा। इसके अलावा भी इस पैच पर कुछ बदलाव किए जा रहे हैं, जिसकी पूरी डीपीआर बनाई जा रही है। डीपीआर को मंजूरी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। वर्तमान में जवाहर नवोदय स्कूल से लेकर कैंची मोड़ तक फोरलेन का काम शुरू ही नहीं हो पाया है। इसके पीछे का कारण अलाइनमेंट में हो रहे बदलाव बताया जा रहा है।
पंडोह डैम की सुरक्षा को ध्यान रखते हुए जवाहर नवोदय स्कूल पंडोह से लेकर कैंची मोड़ तक अलाइनमेंट में कुछ बदलाव किया जा रहा है। डीपीआर बनाने का कार्य जारी है।
-वरुण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।