उन्होंने कहा कि वह पिछले तीन-चार दिनों से काफी परेशान हैं। रविवार रात से वह परिजनों को फोन मिलाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उनकी बात नहीं हो पाई है। ऐसे में वह बीच-बीच में दुकानों व ढाबों में लगे टीवी से घाटी के हालात की जानकारी लेते रहे।
मुश्ताक, ताहिर खान, अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने और राज्य का दर्जा खत्म करने से भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और ज्यादा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हालात को देखते हुए वह अगले हफ्ते तक अपने घर जाएंगे।
जम्मू से रोजगार के लिए कुल्लू आए कश्मीरी पंडित बाबू राम शर्मा सोमवार को ढालपुर में गोल गप्पे बेच रहे थे। लेकिन जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और राज्य का दर्जा छिनने पर खुश बाबू राम ने कहा कि अब घाटी में खुशियां आएंगी। साथ ही अपने राज्य में रोजगार कर सकेंगे।
उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को आभार जताया है। जम्मू-कश्मीर में रोजगार के अवसर नहीं होने से जिला कुल्लू में दो हजार से अधिक कश्मीरी काम के लिए आते हैं। वे सामान ढुलाई, सेब सीजन और कंबल बेचने का काम करते हैं।