सीएम के सामने महिला अधिकारी के बेटेे डॉ. पीयूष और पिता जगदीश दत्त शर्मा ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर खूब खरी-खोटी सुनाई। डॉ. वेद प्रकाश ने सीएम से पूछा कि यह कैसी व्यवस्था है, जहां पर अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले अधिकारियों पर गोलियां दाग दी जाती हैं।
पुलिस आरोपी का सामना करने के बजाए भाग जाती है। परिजनों ने सवाल उठाए कि घटना वाले दिन सीएम जयराम ठाकुर खुद सोलन के दौरे पर थे, एसपी सोलन भी छुट्टी पर थे। ऐसे में अवैध कब्जे हटाने जैसी बड़ी कार्रवाई करने के लिए वही दिन ही क्यों चुना।
इससे एक अधिकारी को जान गंवानी पड़ी। इस दौरान सीएम ने शोकाकुल परिवार के सभी सदस्यों को विश्वास दिलाया कि दोषियों पर सरकार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डॉ. वेद प्रकाश ने कहा कि यह प्लान मर्डर था। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। गोली चलने पर पुलिस दुम दबाकर भाग गई। हैरानी है कि कातिल 24 घंटे एक जगह छिपा रहा, लेकिन पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी।
उनकी पत्नी को ईमानदारी का यह इनाम मिला है। वह बीमार थी, मेडिकल लीव पर भी जा सकती थी, परंतु उसमें जज्बा भरा था। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि इस केस में कोई भी आरोपी छूटना नहीं चाहिए
और सभी लापरवाह अधिकारियों को सस्पेंड किया जाए। हत्या करने वाले को फांसी पर लटकाया जाए। यह सरकार समेत पूरे सिस्टम का कत्ल है। वह और उनके बेटे तो इस हादसे से पहले ही मर चुके हैं।
नेता फूल देते रहे, सीएम लेते रहे
महिला टाउन प्लानर की हत्या पर शोक जताने के लिए गए सीएम को मंत्री और अधिकारी पुष्प गुच्छ और फूल देना नहीं भूले। सीएम भी लेते रहे। जैसे ही वह अपने हेलीकॉप्टर से सरकाघाट के बरच्छवाड़ कॉलेज ग्राउंड उतरे वहां उन्हें विधायकों और मंत्रियों सहित कई कार्यकर्ताओं ने फूल और गुलदस्ते दिए। इस कुछ लोगों में नाराजगी भी दिखी।