गुलाब सिंह की दोनों बेटियों रंजना और सपना ठाकुर ने कहा कि उनके पिता के हत्यारे को फांसी की सजा दी जाए। हत्यारे ने उनके सिर से पिता का साया छीन लिया है। उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें पिता की बेहद जरूरत थी। वे पढ़ाई पूरी कर रही हैं और आगे कोर्स करना चाहती थीं। अच्छी नौकरी हासिल कर पिता का सहारा बन सकती थीं। लेकिन कसौली गोलीकांड ने उनकी सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
क्या है मामला- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 1 मई को सोलन के कसौली में होटलों के अवैध निर्माण ढहाने गईं टीसीपी अफसर शैल बाला और लोक निर्माण विभाग के बेलदार गुलाब सिंह पर नारायणी गेस्ट हाउस के मालिक के बेटे विजय सिंह ने गोलियां दाग दी थीं। शैल बाला की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि गुलाब सिंह इसमें गंभीर रूप से घायल हो गए। सोलन में प्राथमिक उपचार के बाद गुलाब सिंह को पीजीआई रेफर किया गया था।
बेलदार गुलाब सिंह का रविवार को पीजीआई में पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। गुलाब सिंह की मौत रात करीब सवा दस बजे हो गई थी, लेकिन उसके शव को करीब 12 घंटे बाद सुबह सवा दस बजे पीजीआई प्रबंधन ने बिना पोस्टमार्टम ही परिजनों के हवाले कर दिया।
गुलाब सिंह का शव लेकर परिजन चंडीगढ़ के सेक्टर 16 स्थित एक अन्य अस्पताल पहुंचे। यहां पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम में देरी की वजह से गुलाब सिंह का संस्कार शाम चार बजे के बाद ही हो पाया।
उधर, पीजीआई चंडीगढ़ की पीआरओ मंजू बढवालकर का कहना है कि रविवार को पीजीआई बंद होता है। डॉक्टर कम होते हैं, इस कारण अमूमन पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर 16 के सरकारी अस्पताल में भेज दिया जाता है। मौत के कारणों का पता कर जांच की जाएगी।
बेलदार गुलाब सिंह को अंतिम विदाई देने मंत्री डॉ राजीव सैजल, उपायुक्त विनोद कुमार, पुलिस अधीक्षक मधुसूदन समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। उपायुक्त विनोद कुमार ने बताया कि गुलाब सिंह को प्रशासन व पुलिस की तरफ से श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। इस मौके पर मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने गुलाब सिंह के परिवार को हरसंभव मदद देने की बात कही है।
पोस्टमार्टम में हुई देरी: लेखराम- पीजीआई में गुलाब सिंह के साथ मौजूद रहे उसके भतीजे लेखराम ने बताया कि पोस्टमार्टम में देरी की वजह से गुलाब सिंह का शव समय पर नहीं मिला। इस वजह से अंतिम संस्कार में देरी हुई है।
बताया कि गुलाब सिंह की मौत के बाद उन्होंने पीजीआई प्रबंधन से पोस्टमार्टम के लिए कहा था, लेकिन प्रबंधन ने अपने जवाब में रविवार को पीजीआई में पोस्टमार्टम न होने की बात कही। इस वजह से शव को सेक्टर 16 स्थित दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ा।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी गुलाब सिंह की मृत्यु पर गहरा दुख जताया है। गुलाब सिंह हाल ही में कसौली गोलीकांड के दौरान घायल हो गए थे। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती करवाया गया था।
हाल ही में मुख्यमंत्री ने भी गुलाब से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना था। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के साथ अपनी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि गुलाब सिंह ने अपना कर्त्तव्य निभाते हुए और माननीय न्यायालय के आदेशों की पालना करते हुए अपना जीवन न्योछावर कर दिया।
उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस दु:खद घटना को सहन करने की शक्ति देने के लिए भगवान से प्रार्थना की है।