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करवा चौथ 2026: तारीख, पूजा का मुहूर्त और व्रत की परंपराएं, शुक्रास्त की मान्यता से असमंजस; जानें पूरी जानकारी

Thu, 22 Oct 2026 02:36 PM IST
Ankesh Dogra भारती शर्मा, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश में करवा चौथ का पर्व 29 अक्तूबर को मनाया जाएगा। शिमला के गंज बाजार स्थित राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी भगवती प्रसाद के अनुसार, पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 से 6:56 बजे तक रहेगा। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखेंगी। व्रत की परंपराओं के साथ शुक्रास्त से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं भी चर्चा में हैं। जानें विस्तार से...

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करवा चौथ 2026 कब है? - फोटो : AI
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में करवा चौथ का पर्व 29 अक्तूबर को मनाया जाएगा। विवाहित हिंदू महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखने वाले इस त्योहार पर महिलाएं पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना के साथ व्रत रखती हैं। पर्व को लेकर महिलाओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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शिमला के गंज बाजार स्थित राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी भगवती प्रसाद ने बताया कि करवा चौथ की चतुर्थी तिथि 28 अक्तूबर की रात 1:06 बजे शुरू होकर 29 अक्तूबर की रात 10:09 बजे तक रहेगी। उनके अनुसार, पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक रहेगा।

करवा चौथ पर महिलाएं सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद व्रत का संकल्प लेती हैं। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को करवा माता की पूजा और व्रत कथा की परंपरा निभाई जाती है। रात को चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है।

व्रत में इन पांच परंपराओं का है विशेष महत्व

1. सरगी ग्रहण करना: पारंपरिक रूप से महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करती हैं। इसमें फल, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हो सकते हैं।

2. व्रत का संकल्प लेना: सरगी के बाद महिलाएं अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार व्रत रखती हैं। कई महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत करती हैं।

3. विधि-विधान से पूजा: शाम को करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा की जाती है।

4. व्रत कथा सुनना: करवा चौथ की कथा सुनना या पढ़ना इस पर्व की प्रमुख परंपराओं में शामिल है।

5. चंद्रमा को अर्घ्य देना: रात को चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है। चंद्रोदय का समय अलग-अलग स्थानों पर भिन्न हो सकता है।

शुक्रास्त को लेकर भी चर्चा
पुजारी भगवती प्रसाद ने शुक्रास्त से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं की जानकारी देते हुए बताया कि इस विषय में अलग-अलग मत प्रचलित हैं। उनके अनुसार, शुक्रास्त और उससे जुड़े सूतक की मान्यता के कारण नवविवाहिताओं और पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के बीच असमंजस हो सकता है। उन्होंने बताया कि शुक्रास्त 28 अक्तूबर को समाप्त होने की बात कही जा रही है, जबकि सूतक 29 अक्तूबर को भी रहने की मान्यता है। इस संबंध में व्रत रखने वाली महिलाएं अपनी पारिवारिक परंपराओं और विश्वसनीय पंचांग के अनुसार निर्णय ले सकती हैं।
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प्रदेशभर की महिलाएं करेंगी पूजा
करवा चौथ हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। महिलाएं इस अवसर पर पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। पूजा के मुहूर्त और चंद्रमा को अर्घ्य देने के समय की पुष्टि स्थानीय पंचांग से करना उचित रहेगा।
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