व्रत शुरू करने, उद्यापन के लिए अत्यंत शुभ
राधा-कृष्ण मंदिर के पंडित उमेश नौटियाल ने बताया कि इस वर्ष करवा चौथ की तिथि अत्यंत शुभ है इस दिन नवविवाहित महिलाएं व्रत आरंभ भी कर सकती हैं और व्रत के उद्यापन के लिए भी यह तिथि अत्यंत शुभ है। उन्होंने बताया कि व्रत का नियम है कि सात्विक विचार रखें और व्यर्थ के वार्तालाप से बचें और भगवान भोलेनाथ, माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय का ध्यान करें और मंत्रजाप करें। गर्भवती महिलाएं निर्जल व्रत न रखें, पांच महीने से ज्यादा का गर्भ होने पर एक समय भोजन या फलाहार जरूर करें।
शिमला में इतने बजे दिखेगा चांद
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार शिमला में आज रात 8:07 बजे चांद निकलेगा। करवा चौथ की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 5:57 बजे से शुरू होगा और रात 7:11 बजे तक रहेगा। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर शिव परिवार की पूजा अर्चना करती हैं। ज्योतिषाचार्य मस्तराम शर्मा ने बताया कि इस वर्ष शिमला में चंद्रोदय शाम 8:07 बजे होगा और पूजा का शुभ मुहूर्त 5:57 बजे से 7:11 बजे तक रहेगा। यह व्रत सौभाग्यवती महिलाएं पति की लंबी आयु करती हैं लेकिन कुंवारी कन्याएं भी अच्छे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं। करवा चौथ पर पूजा में सास के लिए बाथना रखा जाता है। इसमें पूरियां, मीठा, सुहाग का सामान, कपड़े शामिल होते हैं। इसके अलावा पूजा में करवे रखना जरूरी है। इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। करवा चौथ के लिए मिट्टी का बना हुआ करवा, चीनी का बना हुआ करवा, रौली, सिंदूर, कलावा, पंचामृत, फल, कपूर, धूप बत्ती, गंगाजल, चावल, दीपक, रूई, कलावा, बताशे, पंच मेवा आदि का इस्तेमाल होता है।
जानिए करवा चाैथ से जुड़ी पाैराणिक कथा
करवा चाैथ की कहानी वीरावती से जुड़ी है। इसके बिना व्रत अधूरा माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक साहूकार की वौरावती नाम की बेटी थी। उसके सात भाई थे। जब उसने पहली बार करवा चौथ का व्रत रखा, तो दिनभर भूखी-प्यासी रहने की वजह से वह बहुत कमजोर हो गई। ऐसे में भाइयों से बहन की ऐसी हालत नहीं देखी गई। उन्होंने अपनी बहन का व्रत खुलवाने के लिए पहाड़ी पर दीपक जलाकर चांद जैसा दृश्य बना दिया।
वीरावती ने उसे सचमुच में चांद समझ लिया और भाइयों की बातों में आकर व्रत खोल लिया। इससे उसके पति की मृत्यु हो गई। यह देखकर वह अपने पति को बचाने के लिए सच्चे मन से मां पार्वती की पूजा करने लगी। उसने पूरे साल की चौथ (चतुर्थी तिथि) का व्रत रखा और करवा चौथ के दिन व्रत रखने पर करवा यानी माता पार्वती उससे प्रसन्न हो गई। उन्होंने वरदान स्वरूप उनके पति को फिर से जीवित कर दिया। तब से महिलाएं ब्रद्धा और विश्वास के साथ करवा चौथ का व्रत रखती हैं, ताकि उनके पति की आयु लंबी हो और जीवन में खुशहाली बनी रहे।
करवा चौथ पर पर्यटन निगम के होटल में 10 फीसदी छूट
प्रदेश पर्यटन निगम के होटलों में करवा चौथ पर कमरे की बुकिंग पर सैलानियों को दस फीसदी की छूट दी जाएगी। निगम ने बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यह छूट दी है। न्यू रोज कॉमन होटल कसौली के मैनेजर महेंद्र सिंह ने बताया कि करवा चौथ पर में होटल करवा थाली उपलब्ध करवाएगा। करवा चौथ की रात होटल सुहागिनों को बिंदी, चूड़ी और ड्राई फ्रूट भी देंगे। हालांकि, इनके पर्यटकों को पैसे चुकाने होंगे। होटल आने वाले कपल को कमरे के किराये में दस फीसदी की छूट दी जाएगी। इसके अलावा सरगी, फैनी, दूध का गिलास मुफ्त उपलब्ध करवाया जाएगा। साबुदाना व व्रत की थाली पेमेंट पर उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि करवाचौथ पर दी जाने वाली करवा थाली को दस अक्तूबर को होने वाली बुकिंग पर बनवाया जाएगा। दंपती से होटल बुकिंग के दौरान जानकारी लेकर होटल अपनी तैयारी करेगा। कमरे पर दस अक्तूबर को दस फीसदी की छूट रहेगी।