इसके चलते चामुंडा, नगरोटा, कांगड़ा, रानीताल, ज्वालामुखी, नादौन से हमीरपुर आने वाले सरकारी कर्मचारी इस बस में रोजाना सफर करते हैं, लेकिन सरकार के सत्ता में आते ही इस बस सेवा को बंद कर दिया गया है।
एचआरटीसी प्रबंधन का कहना है कि निजी बस ऑपरेटरों की आपत्ति के चलते इस बस सेवा को बंद कर दिया गया है। लोगों में सुरेंद्र पठानिया, विनोद शर्मा, आशुतोष शर्मा, मोनिका शर्मा, बंदना ठाकुर और प्रोमिला देवी ने एचआरटीसी प्रबंधन से इस बस को बहाल करने की मांग की है।
उधर, एचआरटीसी करसोग के वरिष्ठ अधीक्षक ज्ञान सिंह ने बताया कि हाल ही में इस रूट को बंद किया गया है। आरएम करसोग का पद एक साल से खाली है। बस रूट को बंद करने के कारणों बारे शिमला डीएम कार्यालय से जानकारी ली जा सकती है।