वंशिका गोस्वामी ने विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण पदक।
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हिमाचल प्रदेश कांगड़ा के ज्वालामुखी की रहने वाली वंशिका गोस्वामी ने अंडर-19 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया है। हिमाचल की बेटी ने देश का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीता। अमेरिका के कोलोराडो में वंशिका ने धमक दिखाते हुए विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में फाइनल मुकाबले में जर्मनी की गेट विक्टोरियो को तीनों राउंड में बढ़त बनाते हुए पराजित किया। प्रतियोगिता में वशिंका ने 80 किलो से अधिक भार वर्ग में हिस्सा लिया। वंशिका को बचपन से खेलों का शौक है। वंशिका ने पिता से जूडो-कराटे सीखने की इच्छा जाहिर की। 9वीं कक्षा तक जूडो-कराटे सीखते हुए ब्राउन बेल्ट हासिल कर ली। 10वीं के बाद वंशिका अपने पिता के साथ नगरोटा बगवां के उपमंडल बड़ोह चली गईं।
पिता शशिकांत गोस्वामी पुलिस विभाग में तैनात हैं। वंशिका अपने पिता से बॉक्सिंग में भी हाथ आजमाने की इच्छा व्यक्त की। वंशिका का दाखिला सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल समलोटी में हुआ। फिजिकल एजुकेशन के लेक्चरर कैलाश शर्मा के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग का प्रशिक्षण शुरू किया और पहले ही वर्ष में वंशिका स्टेट चैंपियन बन गईं। राष्ट्रीय खेलों में भी सिल्वर मेडल जीता। कोच कैलाश ने बारहवीं कक्षा के बाद बेहतर प्रशिक्षण के लिए वंशिका को बाहर जाने की सलाह दी। वंशिका ने हरियाणा की एक प्राइवेट अकादमी में कोचिंग ली और वहीं से उसका चयन साई रोहतक में हुआ। साई रोहतक में हेड कोच अमनप्रीत के मार्गदर्शन में वंशिका ने अपना खेल निखारा।