परिजनों को घटना की जानकारी दी गई, लेकिन वे वहां नहीं पहुंच सके। इसके बाद पार्थिव शरीर को शुक्रवार दोपहर को पठानकोट पहुंचाया, वहां से कांगड़ा के लिए भेजा गया। इंस्पेक्टर थाना सदर ने बताया कि पैराशूट नहीं खुलने की वजह से हादसा हुआ था।
अमित कुमार 2010 में वायु सेना में भर्ती हुए थे। वह कुछ समय पूर्व ही छुट्टी काटकर घर से ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी शादी करीब दो साल पहले ही हुई थी। उनके दो भाई हैं। शुक्रवार को उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य गम में डूब गए। उपायुक्त संदीप कुमार ने इस हादसे की पुष्टि की है।
23 मार्च, 2018 को पलवल, हरियाणा निवासी सुनील कुमार की पैराशूट नहीं खुलने से जान चली गई थी। उन्होंने आठ हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई थी। वहीं आठ नवंबर 2018 को भी पंजाब के पटियाला निवासी हरदीप सिंह की मौत हो गई थी। वह 11 हजार फीट की ऊंचाई से कूदे थे।