हिमाचल प्रदेश पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा का कांगड़ा आने पर बैन लग सकता है। पंचायती राज विभाग के 13वें वित्त आयोग में विकास कार्यों में कटौती और अब विकास कार्यों की घोषणाओं पर रोक लगाने की पार्षदों ने कड़े शब्दों में निंदा की है।
जिला परिषद कांगड़ा की 24 सितंबर को प्रस्तावित बैठक में पार्षद ताजा फैसले के विरोध में प्रदेश सरकार का घेराव करने की रणनीति बनाएंगे। इतना ही नहीं बैठक में प्रदेश सरकार के इन फैसलों के विरोध में बड़े आंदोलन की घोषणा भी जिला परिषद सदस्य कर सकते हैं।
पार्षदों ने पंचायती राज मंत्री को चेताया है कि शीघ्र इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो पार्षद कांगड़ा में मंत्री के आने पर बैन लगा देंगे। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री के कांगड़ा आने पर काले झंडे दिखाने का ऐलान पार्षदों ने किया है।
धरातल पर नहीं हो रहा कोई काम
जिला परिषद कांगड़ा अध्यक्ष श्रेष्ठा कौंडल, उपाध्यक्ष जगदेव, धर्मशाला पार्षद प्रेम सागर, इंदौरा के देवराज, स्वरूप सिंह पठानिया, सतपाल धीमान, मिंटू पराशर, सुमन बाला, रीता धीमान, रविंद्र सिंघी, अश्वनी कटोच, अनीता सिपहिया और उर्मिल भूरिया ने कहा कि पंचायती राज मंत्री को ऐसा लगता है कि पार्षद राजनीति से प्रेरित घोषणाएं करते हैं और धरातल में कोई काम नहीं कर रहा।
तो मंत्री ऐसे पार्षदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकते हैं। इस पर जांच बिठाई जा सकती है लेकिन ऐसे फैसले लेने से पार्षदों का मनोबल घटा है। मंत्री को शीघ्र ही फैसले को वापस लेते हुए प्रदेश भर के जिप पार्षदों से माफी मांगनी होगी।