31 मार्च, 2017 को केसीसी बैंक का एनपीए 16 फीसदी था। साल 2017 के दौरान इसे दो फीसदी घटाकर 14.6 फीसदी तक पहुंचा दिया गया। अगर यह एनपीए कम नहीं किया गया होता तो वर्तमान में एनपीए 21 फीसदी तक पहुंच जाना था।
आखिरी बीओडी में लिए गए फैसले अटके
कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के निदेशक मंडल की आखिरी बैठक में लिए गए फैसले भी लटक गए हैं। बोर्ड भंग होने से अफसरशाही बीओडी में लिए फैसलों को लेकर कोई निर्णय नहीं ले पा रही है। इन फैसलों को लागू करने के लिए अब सबकी नजरें प्रशासक नियुक्त किए उपायुक्त कांगड़ा पर टिकी हैं।
हाईकोर्ट जाने की तैयारी में जगदीश सिपहिया
निदेशक मंडल भंग किए जाने के खिलाफ बैंक के पूर्व चेयरमैन जगदीश सिपहिया हाईकोर्ट की शरण में जाने की तैयारी में हैं। सिपहिया का कहना है कि निदेशक मंडल को गलत तरीके से भंग किया गया है। कोर्ट के समक्ष इस संदर्भ में पूरी जानकारी दी जाएगी।