झड़प में संलिप्त एक दर्जन कैदियों को मिलने वाली कई सुविधाओं को भी बंद कर दिया है। दोनों गैंग के सदस्यों को ए और बी ब्लाक से शिफ्ट कर डी और सी ब्लॉक में भेज दिया है। इनके सभी संपर्क तोड़ दिए गए हैं। टेलीफोन और कैंटीन की सुविधा को भी बंद कर दिया है। उधर, जेल उप-अधीक्षक पर हुए हमले में बालूगंज थाना पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने सुरक्षा में तैनात कुछ जेल वार्डन के भी बयान लिए है। इधर, कंडा जेल सुपरिटेंडेंट सुशील कुमार ठाकुर ने बताया कि मामले में कानूनी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
कंडा जेल में मौजूदा समय में करीब 540 बंदी और विचाराधीन कैदियों को रखा गया है। इसमें 20 महिलाएं भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों गैंगों के बीच पिछले कई दिनों से वर्चस्व की जंग चल रही है। शनिवार को भी दोनों गैंग के बीच झड़प हुई। जेल प्रशासन के मुताबिक रविवार को भारत-पकिस्तान मैच देखने को लेकर दोनों गुटों के बीच झड़प हो गई। बैरक में करीब 30 से 35 कैदी मैच देख रहे थे। इस बीच दोनों गुटों में झड़प की घटना सामने आई।
कंडा जेल में हुई घटना में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल के चार विचाराधीन कैदी संलिप्त हैं। इसमें नवीन और विपिन दिल्ली, प्रगट सिंह और मेजर सिंह पंजाब और अवनेश उत्तर प्रदेश निवासी शामिल हैं। इसके अलावा हिमाचल के ऊना, नालागढ़, बद्दी के भी चार विचाराधीन कैदी शामिल हैं।