हिमाचल के जिला मंडी की गाड़ागुसैणी की घाट पंचायत के पाली गांव निवासी कमला देवी के 10 दिन के नवजात बर्फ और गरीबी से तो जंग जीत गए, लेकिन लचर स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।
ढाई से तीन फीट बर्फ में 25 किमी पैदल चलकर को अस्पताल पहुंचाने वाली कमला देवी के जुड़वां बच्चे उधारी के इलाज से सांस ले रहे हैं। परिवार रिश्तेदारों से पैसे उधार लेकर निजी अस्पताल में बच्चों का इलाज करवा रहा है।
अभी तक 15 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। यह खर्च महज रहन-सहन का है। अभी निजी अस्पताल के इलाज का बिल आना बाकी है। कमला देवी का परिवार बीपीएल से संबंध रखता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत निशुल्क चिकित्सा सुविधाओं का फायदा परिवार को नहीं मिल रहा है।
परिवार लगभग ढाई साल पहले बीपीएल में लिया है। बावजूद इसके सरकार परिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से नहीं जोड़ पाई है।