रेलवे विभाग की बैठक में यूनेस्को विश्व धरोहर रेलवे को पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की वकालत
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ट्रैक के इतिहास और खूबसूरती को प्रचारित करेगा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कालका-शिमला रेलवे को रेल विरासत और पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में रेलवे बोर्ड, प्रदेश सरकार ने कदम बढ़ाया है। रेलवे विभाग की शनिवार को हुई बैठक में कालका-शिमला ट्रैक के विकास पर चर्चा की गई।
इसमें सामाजिक माध्यमों पर छोटी वीडियो फिल्में, रील और अन्य डिजिटल सामग्री तैयार कर रेलवे की खूबसूरती, इतिहास और विरासत को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने की वकालत की गई। बैठक में रेलवे मार्ग से जुड़े ऐतिहासिक भवनों, वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, रखरखाव तथा सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने पर बल दिया। इसमें रेलवे की ऐतिहासिक, वास्तुकलात्मक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रचार-प्रसार को प्रभावी बनाने के कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके अलावा पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए विशेष कोचों की बुकिंग बढ़ाने और रेल आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उपायों पर चर्चा हुई। इसके लिए प्रचार अभियान को और प्रभावी बनाने पर सहमति बनी। इस दौरान शिमला स्थित बाबा भलकू रेल संग्रहालय को पर्यटकों, विद्यार्थियों और रेल प्रेमियों के बीच लोकप्रिय बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
बैठक में वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता अंबाला राहुल चौधरी, पर्यटन अधिकारी शिमला जगदीश शर्मा, जनसंपर्क अधिकारी कुलभूषण चंदेल, वाणिज्य विभाग शिमला के अध्यक्ष अभिषेक दामोदरन, भारतीय वन सेवा एवं वन विभाग शिमला के वरिष्ठ खंड अभियंता यांत्रिक अंबाला मनीष चौहान, वाणिज्य निरीक्षक शिमला दर्शन गिल, स्टेशन अधीक्षक शिमला संजय घेरा और सहायक अभियंता शिमला सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।