शिमला। कालाष्टमी पर्व 20 मई को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन उपवास रखकर जल, दूध और शहद से भगवान भैरव का अभिषेक करना लाभकारी होता है। साथ ही इस दिन भैरव की पूजा-अर्चना करना फलदायी होता है। कालाष्टमी व्रत में भगवान भैरव को फूल, मिठाई और फल चढ़ाए जाते हैं। इसके अलावा काले तिल, उड़द दाल और नारियल का विशेष भोग भी लगाया जाता है। मान्यता के अनुसार उपवास के दिन फलाहार ग्रहण कर सकते हैं। यह व्रत करने से शरीर और मन शुद्ध होता है। कालीबाड़ी मंदिर के पंडित मुक्ति चक्रवर्ती ने बताया कि उपवास का मुहूर्त 20 मई को सुबह 7:35 बजे से शुरू होगा और व्रत का पारण शाम 9:00 बजे के बाद होगा। संवाद