कबड्डी के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अजय ठाकुर बद्दी स्कूल में चल रहे राज्यस्तरीय अंडर 14 छात्र व छात्राओं के कबड्डी की कोचिंग कैंप में पहुंचे तथा उन्होंने छात्र व छात्राओं को कबड्डी के गुर सिखाए। उन्होंने खिलाड़ियों को बताया कि यह फुर्ती का गेम होता है।
रेडर को जहां पकड़े से बचना होता है वहीं उसे यह भी ध्यान में रखना होता है कि अगर पकड़ा जाता है तो उसे वापस कैसे जाना है। उन्होंने छात्रों को दोहरे अटैक की रणनीति बताई। उन्होंने बताया कि दोहरा अटैक करने पर रेडर उतना अक्रामक नहीं रहता है और हावी होने से पहले ही उसे दबोचने भी फायदा होता है।
उन्होंने खिलाड़ियों को बताया कि अंतिम समय तक अपना मनोबल न गिराये तथा हमेशा सकारात्मक सोच के साथ ही मैदान में उतरें। उन्होंने बताया कि अंडर 14 प्रतियोगिता में कोई भी खिलाड़ी 51 किलो से अधिक नहीं होता है। इसलिए अपने को पहले कम आंकना भी बड़ी भूल होती है।
उन्होंने छात्र व छात्राओं को आर्शिवाद देते हुए उनकी सफलता की कामना की। इस दौरान स्कूल के बच्चों ने उनसे ओटोग्राफ लेने की होड़ सी लग गई। अजय ठाकुर ने बताया कि मार्च में प्रो कबड्डी प्रतियोगिता शुरू हो रही है। वह बंगलूर बुल्स के इस वर्ष भी सदस्य रहेंगे।
उन्होंने बताया कि टीम में चार नए खिलाड़ी आए है लेकिन उनका जगह में कोई फेरबदल नहीं है। इस मौके पर शारीरिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक आरसी कौशल, टीम के प्रबंधक केएल ठाकुर, कोच बबिता चौहान, स्कूल के प्रधानाचार्य राधाकृष्ण, डीपीई महेंद्र मेहता, डीएम ज्ञान चंद समेत स्कूल का स्टाफ उपस्थित रहा।
खिलाडियों ने किया प्रदर्शन नहीं रोक पाए हंसी
बद्दी में अजय ठाकुर के सामने अंडर-14 छात्र व छात्राओं के प्रेक्टिस मैच रखे। इस बीच रेडरों ने अंक लेने के बाद अजय स्टाईल में जांघ पर हाथ मार कर सभी को ठहाके लगाने पर मजबूर किया। जिस पर अजय भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।