केंद्रीय मंत्रिमंडल में जल्द ही हिमाचल का चेहरा नजर आएगा। नौ नवंबर रविवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार में हिमाचल प्रदेश को भी प्रतिनिधित्व मिलने जा रहा है, लेकिन इसमें राज्य के किस कद्दावर नेता की लाटरी लगने जा रही है, यह तसवीर साफ नहीं हो पाई है।
वैसे पार्टी के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के करीबी माने जाने वाले राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा, भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर और प्रदेश के बेहद अनुभवी नेता शांता कुमार के नाम पर चर्चा चल रही है।
सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संगठन और सरकार दोनों को मजबूत करना चाहते हैं, जिससे मिशन 2017 और 2019 को फतह करने में कोई अड़चन न आ पाए। इसको ध्यान में रखकर ही हिमाचल में किसी भी नेता को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा, जिससे उसका लाभ भी प्रदेश भाजपा को आने वाले चुनाव में मिल सके।
प्रदेश के जिन तीन नेताओं के नामों पर चर्चा चल रही है, उनकी अलग-अलग खूबियां और ड्रा बैक भी है। यही कारण है कि अभी केंद्रीय नेतृत्व कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं है। इतना तय है कि मोदी किसी भी ऐसे नेता को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं देने जा रहे, जोकि किसी भी तरह विवादित हो।
शांता पर भारी पड़ेगी उम्र
कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से सांसद शांता कुमार पर उम्र भारी पड़ सकती है। क्योंकि, नरेंद्र मोदी ने उम्र का जो फार्मूला तय किया है, उसमें शांता कुमार, भुवन चंद्र खंडूरी और मुरली मनोहर जोशी जैसे पुराने और अनुभवी नेता फिट नहीं बैठ रहे हैं।
'हिमाचल प्रदेश से एक व्यक्ति को केंद्र सरकार में प्रतिनिधित्व मिलने जा रहा है, लेकिन यह कौन सा नाम होगा, यह बता पाना संभव नहीं है। भाजपा केंद्रीय नेतृत्व की ओर से सिफारिश जरूर की जाती है, लेकिन मंत्री पद के नाम पर अंतिम फैसला केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेंगे।' - श्रीकांत शर्मा, भाजपा प्रभारी हिमाचल प्रदेश