फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएड धारकों को जेबीटी भर्ती में मान्यता देने पर भड़का संघ, निकालीं रैलियां

Tue, 28 May 2019 06:08 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
जेबीटी बेरोजगार संघ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

बीएड धारकों को भी जेबीटी भर्ती के लिए मान्यता देने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में जेबीटी बेरोजगार संघ के बैनर तले रैलियां निकालकर विरोध प्रदर्शन किए गए।

विज्ञापन


उपायुक्तों के माध्यम से जेबीटी प्रशिक्षुओं ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजकर पूर्व के भर्ती नियमों में ही भर्ती करने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि बीएड करने वाले जेबीटी टेट क्वालीफाई नहीं हैं।

ऐसे में उन्हें भर्ती में शामिल नहीं किया चाहिए। संघ के मुताबिक प्रदेश में 20 हजार से ज्यादा डिप्लोमा धारक हैं। वर्तमान में 11 डाइट और करीब 28 निजी संस्थानों से कई विद्यार्थी डिप्लोमा कर रहे हैं।
विज्ञापन


बीएड को भर्ती के लिए मान्य करने से इनका भविष्य खतरे में पड़ गया है। यदि बीएड को इसमें मान्यता दी जाती है, तो इसमें 50 फीसदी बैचवाइज में उन्हीं का नंबर आएगा। बीएड का 1999 और 2000 का बैच चल रहा है।

Trending Videos
विज्ञापन

जेबीटी, डीएलएड प्रशिक्षुओं के साथ अन्याय

- फोटो : अमर उजाला
जबकि जेबीटी का 2008-10 का बैच चल रहा है। उन्होंने बताया कि एनसीटीई की अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह नियम उन्हीं राज्यों के लिए हैं, जहां पर जेबीटी प्रशिक्षु मिल रहे हैं।

जेबीटी प्रशिक्षुओं ने बताया कि 12 मई 2019 को जेबीटी कमीशन हुआ था। इसमें 36000 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। इसमें जेबीटी (डीएलएड) के सात हजार और बीएड के 33000 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।

जो कि जेबीटी, डीएलएड प्रशिक्षुओं के साथ अन्याय है। जेबीटी प्रशिक्षुओं ने बताया कि जेबीटी का पाठ्यक्रम प्राथमिक कक्षाओं के लिए है। जबकि बीएड का पाठ्यक्रम माध्यमिक कक्षाओं के लिए है।

उन्होंने बताया कि नवंबर 2017 में सुप्रीम कोर्ट ले निर्णय लिया था कि उच्च योग्यता रखने वाले विद्यार्थी निम्न योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों के साथ परीक्षा में किसी भी रूप में मान्य नहीं होंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें