जबकि जेबीटी का 2008-10 का बैच चल रहा है। उन्होंने बताया कि एनसीटीई की अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह नियम उन्हीं राज्यों के लिए हैं, जहां पर जेबीटी प्रशिक्षु मिल रहे हैं।
जेबीटी प्रशिक्षुओं ने बताया कि 12 मई 2019 को जेबीटी कमीशन हुआ था। इसमें 36000 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। इसमें जेबीटी (डीएलएड) के सात हजार और बीएड के 33000 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।
जो कि जेबीटी, डीएलएड प्रशिक्षुओं के साथ अन्याय है। जेबीटी प्रशिक्षुओं ने बताया कि जेबीटी का पाठ्यक्रम प्राथमिक कक्षाओं के लिए है। जबकि बीएड का पाठ्यक्रम माध्यमिक कक्षाओं के लिए है।
उन्होंने बताया कि नवंबर 2017 में सुप्रीम कोर्ट ले निर्णय लिया था कि उच्च योग्यता रखने वाले विद्यार्थी निम्न योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों के साथ परीक्षा में किसी भी रूप में मान्य नहीं होंगे।