हिमाचल प्रदेश में जेबीटी शिक्षकों की बैचवाइज भर्ती के तहत उम्मीदवारों को मेरिट के आधार पर पसंदीदा जिला में नियुक्ति मिलेगी। उम्मीदवारों से गृह जिला में होने वाली काउंसलिंग के समय ही जिलों की प्राथमिकता मांगी जाएगी। 1161 पदों के लिए 22 से 25 नवंबर तक जिला स्तर पर शिक्षा विभाग काउंसलिंग करेगा। काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद मेरिट बनाई जाएगी। मेरिट में टॉप करने वालों को उनकी प्राथमिकता चुनने का पहले मौका मिलेगा। यह उम्मीदवार अपने पसंदीदा जिला में नौकरी प्राप्त कर सकेंगे।
शिक्षा विभाग ने पहली बार गृह जिला की काउंसलिंग में ही उम्मीदवारों को शामिल होने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले उम्मीदवार कई जिलों में होने वाली काउंसलिंग में शामिल होते थे। इस प्रक्रिया को समाप्त करने के लिए शिक्षा विभाग ने इस वर्ष से नई व्यवस्था कर दी है। 20 से 25 नवंबर तक सुबह 11 बजे से जिला उपनिदेशकों के कार्यालय में काउंसलिंग शुरू होगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो उम्मीदवार तय मापदंडों को पूरा करता है, वह 12 जिलों में किसी भी जिले में आवेदन करने के लिए पात्र है।
गृह जिला की काउंसलिंग के अलावा उम्मीदवार अन्य जिलों की काउंसलिंग में भाग नहीं ले सकेगा। जेबीटी की बैचवाइज काउंसलिंग के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिलावार पदों का बंटवारा भी कर दिया है। मंडी जिला में सबसे अधिक 244, शिमला में 169 और कांगड़ा में 166 पद भरे जाएंगे। बिलासपुर में 70, चंबा में 84, हमीरपुर में 86, किन्नौर में 10, कुल्लू में 70, लाहौल-स्पीति में 8, सिरमौर में 86, सोलन में 108 और ऊना में 60 पद भरे जाएंगे।
अंक और बैच समान हुआ तो आयु से चयन
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक घनश्याम चंद ने बताया कि यदि एक ही बैच के दो उम्मीदवार मेरिट में एक स्थान प्राप्त करते हैं तो जेबीटी या डीएलएड के अंकों को नियुक्ति के लिए आधार बनाया जाएगा। अगर यह अंक भी एक समान हुए तो 12वीं कक्षा के अंकों को देखा जाएगा। यह अंक भी अगर समान हुए तो उम्मीदवार का चयन आयु के आधार पर किया जाएगा। आयु में जो बड़ा होगा, उसे नियुक्ति दी जाएगी।