सरकार ने ट्रिब्यूनल में पुनर्विचार याचिका दायर कर 11 जनवरी, 2018 को टेट मेरिट पर आधारित पुरानी भर्ती प्रक्रिया जारी रखने की इजाजत ली। अभ्यर्थी राकेश कुमार ने ट्रिब्यूनल के इन आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी और 23 फरवरी को हाईकोर्ट ने जेबीटी के स्वीकृत 700 पदों को टेट मेरिट से भरने पर रोक लगा दी।
मार्च में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टेट मेरिट से भर्ती को मंजूरी देने से इंकार कर दिया। सरकार ने दलील दी कि नए सिरे से जेबीटी के पद भरने की प्रक्रिया शुरू की जाती है तो कम से कम 6 महीने के अतिरिक्त समय की जरूरत होगी। पुराने नियमों में चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। केवल नियुक्ति पत्र जारी करना शेष है।
प्राथमिक स्कूलों में जेबीटी के सैकड़ों पद रिक्त हैं। शिक्षा विभाग के लिए इन पदों के लिए रखा गया बजट भी लैप्स होने जा रहा है। कोर्ट ने सरकार की दलीलें सुनने के बाद जेबीटी से जुड़ी याचिकाओं को सुनवाई के लिए स्वीकारते हुए इन मामलों को 17 अप्रैल को सुने जाने के आदेश पारित किए।