इसमें पुलिस के अलावा सीआईडी, शिक्षा बोर्ड, प्रदेश लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पहले तो दोनों आयोगों की भर्तियों के दौरान लिखित परीक्षा को अपनाई जाने वाली वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा की गई।
सूत्रों की मानें तो बैठक में इस बात से दोनों संस्थान इंकार नहीं कर सके कि मुस्तैदी के बावजूद जिस तरह पुलिस की भर्ती में फर्जी परीक्षार्थी घुस गए उस तरह की गड़बड़ी उनकी परीक्षाओं में न हुई हो। हालांकि, पुलिस जांच अभी जारी है, लेकिन भविष्य की परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए बैठक में कई फैसले लिए गए।
अब दोनों आयोग की परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जाएंगे। परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन व पुलिस भी तैनात की जाएगी। परीक्षा देने वाले हर अभ्यर्थी की बड़ी फोटो अटेंडेंस शीट और एडमिट कार्ड दोनों जगह लगेगी। इससे फर्जी परीक्षार्थी की पहचान करने में आसानी होगी।