दो लाख रुपये की लागत से पंजाब से लाई गई है मशीन, अभी मंदिर में प्रसाद गिरने से बंदर करते हैं लोगों पर हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। स्थानीय और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हनुमान मंदिर में मशीन से पैकेट बंद प्रसाद मिलना शुरू हो गया है। भक्त प्रसाद घर भी ले जा सकेंगे और मंदिर में स्वच्छता भी सुनिश्चित होगी।
भक्तों की सुविधा के लिए यह मशीन जनवरी में पंजाब से लाई गई है। इसे खरीदने में दो लाख की लागत आई है। पैकेट बंद प्रसाद से मंदिर में साफ-सफाई की सुविधा भी मिलेगी। मंदिर में इस समय लोगों को खुला प्रसाद दिया जा रहा है जो कई बार गिर जाता है। वहीं बंदरों की नजर पड़ते ही वह प्रसाद को इधर-उधर फैला देते हैं। इससे मंदिर में स्वच्छता रखना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में यह मशीन लोगों को साफ-सुथरे प्रसाद के साथ मंदिर को साफ रखने में भी मदद करेगी। लोग इस प्रसाद को आराम से घर भी ले जा सकेंगे। इस स्वचालित मशीन में प्रसाद और पैकेट बनाने के लिए मैटीरियल डालकर यह स्वयं इलाइची दाना और चने के प्रसाद को पैकेट में पैक करके बाहर निकालेगी। इस प्रसाद को पुजारी भक्तों को वितरित करेंगे।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार आम तौर पर मंदिर में भीड़ ज्यादा होने की वजह से प्रसाद वितरण में ज्यादा समय लगता है। इस मशीन से प्रसाद वितरण में लगने वाले अतिरिक्त समय में भी कटौती होगी।