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Himachal: जयराम ठाकुर बोले- केवाईसी के नाम पर वृद्धावस्था और सहारा पेंशन न रोके सरकार

Thu, 16 Jul 2026 06:16 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

जयराम ठाकुर ने वृद्धावस्था और सहारा पेंशन रोकने के लिए सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवाईसी त्रुटियों और प्रशासनिक लापरवाही के बहाने बड़ी संख्या में पात्र बुजुर्गों की पेंशन रोकी जा रही है। 
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पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने वृद्धावस्था और सहारा पेंशन रोकने के लिए सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवाईसी त्रुटियों और प्रशासनिक लापरवाही के बहाने बड़ी संख्या में पात्र बुजुर्गों की पेंशन रोकी जा रही है। ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार ने समाज कल्याण के बजट में 63 प्रतिशत की कटौती की है, इससे यह 1,618 करोड़ रुपये से घटकर 604 करोड़ रुपये रह गया है। उन्होंने दावा किया कि बजट में कटौती के कारण ही सरकार केवाईसी जैसी तकनीकी खामियों की आड़ में वृद्धावस्था एवं सहारा पेंशन समेत अन्य समाज कल्याण योजनाओं को रोक रही है। इसके चलते अनेक पात्र लाभार्थी एक वर्ष या उससे अधिक समय से पेंशन से वंचित हैं।

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सहारा योजना के कई वास्तविक लाभार्थियों को रिकॉर्ड में मृत दर्शाकर उनकी पेंशन बंद कर दी गई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे सभी मामलों की जिला स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाए और प्रत्येक मामले का पुनः सत्यापन हो। उन्होंने कहा कि जिन लाभार्थियों को गलत तरीके से मृत दर्शाकर पेंशन रोकी गई है, उनकी पेंशन तत्काल बहाल की जाए और रोकी गई समस्त बकाया राशि भी उन्हें प्रदान की जाए। जयराम ठाकुर ने केवाईसी त्रुटियों या प्रशासनिक लापरवाही के कारण रुकी पेंशन के मामलों को समयबद्ध अभियान चलाकर ठीक करने का आग्रह किया। उन्होंने सुझाव दिया कि केवाईसी पूरा कराने का दायित्व पात्र लाभार्थियों के बजाय स्थानीय प्रशासन का होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की।

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