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Shimla: जयराम बोले- सुक्खू सरकार हितैषी है तो कर्मचारी सड़कों पर क्यों, पेपर लीक पर सख्त प्रावधान होगा

Mon, 27 Jul 2026 04:49 PM IST
Krishan Singh एजेंसी/अमर उजाला नेटवर्क, शिमला।

सार

नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू कहते हैं कि वह कर्मचारी हितैषी हैं। अगर ऐसा है तो प्रदेश भर में कर्मचारी सड़कों पर क्यों हैं। 
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पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू कहते हैं कि वह कर्मचारी हितैषी हैं। अगर ऐसा है तो प्रदेश भर में कर्मचारी सड़कों पर क्यों हैं। उन्हें अपने हक के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है। पेंशनर पेंशन और सेवानिवृत्त कर्मी अपने लंबित भुगतानों के लिए संघर्ष क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रविवार को प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ कि कर्मचारियों के धरना स्थल पर जाकर भी मुख्यमंत्री ने इधर-उधर की आधी-अधूरी बातें करके सिर्फ लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। मुख्यमंत्री की झूठ बोलने की आदत से कर्मचारी भी बखूबी वाकिफ हैं, इसीलिए उन्होंने मुख्यमंत्री के भाषण के समय भी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।

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सोमवार को जारी बयान में जयराम ने कहा कि पेपर लीक पर सख्त कानून लाकर युवाओं के भविष्य की रक्षा का काम मोदी सरकार ही कर रही है, जबकि कांग्रेस के शासन में पेपर लीक माफिया बेखौफ होकर सक्रिय रहा। संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक लाकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सार्वजनिक परीक्षाओं में धांधली करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। नेता विपक्ष ने कहा कि इसके विपरीत, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकारों के दौरान पेपर लीक के मामलों ने सभी रिकॉर्ड तोड़े और लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ।

हिमाचल प्रदेश में भी पेपर लीक के मामलों में गंभीर आरोप सामने आने और जांच की संस्तुति होने के बावजूद सुक्खू सरकार ने दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें पदोन्नति देकर महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया।  नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि ऐसा नहीं है कि पेपर लीक पहली बार हुआ है। अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग सरकारों में पेपर लीक पहले भी हुए हैं। कांग्रेस के शासन में अनेक बार पेपर-लीक हुए हैं। आज दोषी सलाखों के पीछे हैं। सारी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा है कि सख्त से सख्त सजा का प्रावधान करेंगे। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि इसमें 10 साल की जेल और 10 करोड़ के जुर्माने का प्रावधान है। 
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