पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि 2022 की पुलिस भर्ती में पेपर लीक की जानकारी मिलने के बाद तत्काल एफआईआर दर्ज कर एसआईटी का गठन किया गया, परीक्षा रद्द की गई और मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की गई। उन्होंने दावा किया कि बाद में सीबीआई ने अपनी जांच पूरी कर कुछ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की, लेकिन वर्तमान सरकार ने उस रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं की।
जयराम ठाकुर ने राज्य में सरकारी नौकरियों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में स्थायी कर्मचारियों की संख्या अधिक थी, जबकि वर्तमान सरकार के दौरान इसमें कमी आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्थायी नौकरियां देने में विफल रही है।