लोकसभा चुनाव में कांगड़ा सीट से भारी जीत का देश भर में रिकॉर्ड बनने से उत्साहित जयराम सरकार ने सूबे के सबसे बड़े जिले पर ही अब ज्यादा फोकस कर दिया है। जयराम सरकार के आदेश मिलने के बाद मिशन कांगड़ा पर निकले डीसी राकेश प्रजापति ने एक ही दिन में तीन बड़े फैसलों से कांगड़ा को लेकर सरकार के इरादे स्पष्ट कर दिए।
पिछले एक दशक से राजनीतिक और प्रशासनिक भंवरजाल में फंसे केंद्रीय विवि के जल्द भवन निर्माण को लेकर एक हफ्ते के भीतर डीसी ने देहरा की जमीन का एफसीए केस बनाकर केंद्र सरकार को भेज दिया। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलते ही 81 हेक्टेयर वन भूमि केंद्रीय विवि को मिल जाएगी। यह मामला लंबे अरसे से लटका पड़ा था।
दूसरा बड़ा फैसला कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को लेकर किया गया। डीसी कांगड़ा ने औपचारिकताएं पूरी कर कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का मामला प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेज दिया।
भूमि अधिग्रहरण शाहपुर के रछियालू, कुठमां, जुगेहड़ और कांगड़ा के सनौरा, गगल, ढुगियारी और बैदी में होगा। सातों गांवों में 50 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी। इसमें सरकारी 12 हेक्टयेर और निजी 37 हेक्टयेर जमीन होगी। निजी जमीन की वेल्यू 2 अरब 37 करोड़ 39 लाख रुपये आंकी गई है। एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में 297 घर, 69 गौशालाएं और 43 दुकानें आएंगी।
वहीं, नूरपुर में सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र खोलने को लेकर काम तेजी गति से चल पड़ा है। डीसी कांगड़ा ने नूरपुर के चकबन खन्नी में 75 हेक्टेयर सरकारी जमीन उद्योग विभाग के नाम करवा दी ताकि यहां पर जल्द बड़े उद्योग घराने दस्तक दे सकें। डीसी कांगड़ा राकेश प्रजापति ने माना कि इन तीन बड़े प्रोजेक्टों पर फैसले लिए गए हैं।